नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के गांव में बारात को बंधक बनाने के मामले में दुल्हन और दूल्हे पक्ष बीच समझौता हो गया। बारातियों को बिना दुल्हन के लौटना पड़ा। मामले में किसी भी पक्ष की तरफ से कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।
नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के एक गांव में किसान ने अपनी बेटी की शादी रजबपुर थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी युवक के साथ तय की थी। युवक दिल्ली की किसी निजी कंपनी में नौकरी करता है। किसी को पता नहीं था युवक पहले से शादीशुदा है। उसने मुरादाबाद जनपद की रहने वाली एक युवती से कोर्ट मैरिज कर रखी है। तय तारीख पर बुधवार को दूल्हा और उसके परिजन बरात लेकर दुल्हन के घर पहुंच गए। यहां परंपरागत तरीके से दुल्हन के परिजनों ने बरात का स्वागत किया और शादी की रस्में पूरी होना शुरू कर दी गईं। सभी बारातियों और घरातियों ने खाना खाया। बरात की चढ़त शुरू हो गई और बरात दुल्हन की दहलीज पर पहुंची भी नहीं थी कि तभी दूल्हे की पहली शादी से पर्दा उठ गया। थोड़ी देर में ये बात बराती और घरातियों में फैल गई। दूल्हे की पहली शादी की भनक जब दुल्हन पक्ष के लोगों को लगी तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने बरात चढ़त रुकवा दिया। दूल्हा व अन्य बरातियों को स्कूल में बंधक बना लिया। नौगांवा सादात पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। पुलिस ने दूल्हे की पहली पत्नी को फोन कॉल की गई। उसने कोर्ट मैरिज की बात स्वीकार कर लिया। साथ ही उसने कहा कि वह भी गांव आ रही है। जिसके बाद देर रात तक दोनों पक्ष थाने में डंटे रहे। इंस्पेक्टर संत कुमार ने बताया कि देर रात दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है किसी ने भी किसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की है।