कक्षा आठ की छात्रा पर तेजाब डालकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी पीड़िता के पिता पर हमला करने आए थे, लेकिन दरवाजा खोलने के बाद छात्रा ने आरोपी पिता-पुत्र को पहचान लिया था। इसलिए दोनों छात्रा को पकड़कर जंगल में ले गए और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उसके ऊपर तेजाब डाल दिया।
दोनों परिवारों के बीच पांच साल पहले रुपयों के ब्याज के लेनदेन को लेकर रंजिश की शुरुआत हुई थी। तभी से आरोपी पिता-पुत्र छात्रा के पिता पर हमला करने की फिराक में थे। अपर पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार सिंह ने बताया कि 2020 में छात्रा के पिता से आरोपी प्रेमपाल ने दो लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। मूल रकम के अलावा ब्याज के रुपये को लेकर दोनों पक्ष में विवाद हो गया था। मामला थाने तक भी पहुंचा था। हालांकि, दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। इसके कुछ दिन बाद ही छात्रा के ताऊ की हत्या हो गई थी। जिसमें प्रेमपाल पर रंजिशन हत्या करने का शक जताया था। लेकिन, पुलिस जांच में प्रेमपाल की नामजदगी गलत पाई गई थी और साक्ष्यों के अभाव में पुलिस ने हत्या के मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी।
छात्रा के परिजनों की ओर से नामजदगी के बाद से प्रेमपाल रंजिश रखने लगा था। पुलिस के मुताबिक तभी से प्रेमपाल छात्रा के परिवारजनों को आर्थिक और शारीरिक क्षति पहुंचाकर कमजोर करना चाहता था। छह अक्तूबर रात करीब तीन बजे प्रेमपाल बेटे के योगेंद्र के साथ छात्रा के घर के दरवाजे पर पहुंचा और आवाज लगाई। पुलिस का दावा है कि प्रेमपाल को उम्मीद थी कि दरवाजा खोलने छात्रा का पिता आएगा। लेकिन, छात्रा ने दरवाजे की खिड़की खोली तो सामने खड़े प्रेमपाल व उसके बेटे योगेंद्र को उसने पहचान लिया।
प्रेमपाल को डर था कि छात्रा ये बात अपने परिजनों को बता देगी। इसलिए पिता-पुत्र छात्रा को पकड़कर कुछ दूर जंगल में ले गए। पहले उसके साथ मारपीट की और बाद में तेजाब डाल दिया। पुलिस के मुताबिक अगर छात्रा की जगह उसका पिता या उसका भाई दरवाजा खोलता तो उनके साथ भी यही अंजाम होता।
छात्रा पर डाला गया तेजाब या अन्य केमिकल होगी फोरेंसिक जांच
एएसपी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि घटनास्थल फॉरेंसिक टीम ने नमूने लिए हैं। छात्रा के ऊपर तेजाब डाला गया था या अन्य केमिकल इसकी जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला में होगी। परिजनों ने सबसे पहले छात्रा को प्राथमिक उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था, यहां के डॉक्टरों ने छात्रा के जलने की तो बात कही है, लेकिन तेजाब से जली या केमिकल से यह स्पष्ट नहीं है। मेरठ में उपचार के दौरान भी यही स्थिति रही है। यहां के डॉक्टरों ने भी साफ तौर पर तेजाब की पुष्टि नहीं की है। ऐसे में छात्रा के ऊपर तेजाब डाला गया या अन्य केमिकल इसकी फोरेंसिक जांच में ही स्थिति स्पष्ट होगी।