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Amroha News: शहर से लेकर गांव तक सांड़ व छुट्टा पशुओं का आतंक

Thu, 01 Aug 2024 03:21 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा। यदि आप शहर या गांव के रास्तों से गुजर रहे हैं तो जरा सावधान हो जाएं। कब आप पर हिंसक सांड हमला कर दें, कहा नहीं जा सकता। यह स्थिति लगातार सामने आ रही है। कई लोगों की सांड़ के हमले से मौत हो चुकी। वहीं, सड़कों घूमते छुट्टा पशु भी हादसों का कारण बन रहे हैं। सबसे अधिक घटनाएं हसनपुर क्षेत्र में हुई हैं, जबकि अमरोहा, मंडी धनौरा, गजरौला आदि क्षेत्र में हमले के मामले सामने आते रहते हैं। लेकिन, प्रशासनिक अफसर वायदों और दावों का सहारा लेकर अपना पीछा छुड़ा रहे हैं।
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प्रशासन लंबे समय से सांड़ व छुट्टा पशुओं को पकड़वाने का दावा कर रहा है, मगर धरातल में हकीकत अलग है। जिसका खामियाजा लोगाें को अपनी जान गंवा कर चुकाना पड़ रहा है। रविवार को हसनपुर के सिरसा कलां में जंगल जा रही 70 वर्षीय बूंदो को सांड़ ने पटककर मार डाला था। वहीं, सोमवार को ढबारसी में पांच वर्षीय छात्र मोहम्मद शाद पर भी सांड़ ने हमलाकर घायल कर दिया। ये घटना तो सिर्फ बानगीभर हैं। दो साल में सांड़ हमलाकर 16 से अधिक की जान ले चुके हैं। इन हादसों के बाद भी प्रशासन की नींद नहीं टूट रही है। अमरोहा से नौगांवा, जोया समेत अन्य मार्गाें पर सांड़ व छुट्टा पशुओं को घूमते हुए देखा जा सकता है।
क्षेत्र में आए दिन सांड़ के हमले की घटना होती रहती हैं। कहने को तहसील क्षेत्र के गांव गुरैठा में सात सौ बीघा में नंदी विहार बना है। यहां एक हजार से अधिक सांड़ को रखने की क्षमता है। जबकि, सांथलपुर, बृह्माबाद, मंगरौली, दढि़याल, फूलपुर बिजलपुर, अल्लीपुर आदि गांव में गोशालाएं हैं, बावजूद इसके बड़ी संख्या में छुट्टा पशु और सांड़ खेतों व सड़क किनारे डेरा डाले नजर आ रहे हैं। आलम यह है कि अब लोगों को रास्ते से गुजरते हुए डर सताता रहता है कि कहीं उन पर सांड़ हमला न कर दे।
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कस्बे में सांड़ मुख्य मार्गों से लेकर गलियों में डेरा जमाए रहते हैं। जगह-जगह सांड़ व छुट्टा पशु घूमते नजर आते हैं। कई बार गर्मी और भूख के असर पर वह लोगों पर हमला कर देते हैं। बीते सोमवार को सांड़ एक सरकारी बैंक की शाखा में घुस गया था। उसे देख बैंक का स्टाफ सहम गया। काफी देर सांड़ बैंक शाखा में खड़ा रहा। गर्मी से बेहाल सांड़ पर स्टाफ ने पानी डाला। तब वह बैंक शाखा से बाहर गया। गनीमत की बात यह रही कि उस वक्त बैंक में ग्राहक नहीं थे।
छुट्टा पशु खेती के साथ अब इंसानों की जिंदगी पर भी भारी पड़ रहे हैं। सांड़ पर्याप्त भोजन नहीं मिलने के कारण हिंसक होते जा रहे हैं। नगर में दो सांड़ खुलेआम नगर में घूमते हैं। किसी भी समय यह सांड इंसानों की जिंदगी के लिए घातक हो सकते हैं। पालिका अधिकारियों का कहना है कि कान्हा गोशाला में क्षमता से अधिक पशु संरक्षण पा रहे हैं। प्रशासन को तत्काल सांड़ को पड़कर सुरक्षित स्थान पर बंद करने की मांग की जा रही है।
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