अमरोहा। जनपद में शुक्रवार को विश्व टीबी दिवस मनाया गया। सभी स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों पर तपेदिक यानि क्षय रोग के बारे में लोगों को जागरूक किया गया। जिला मुख्यालय और स्कूलों में प्रभात फेरी निकली गई। अधिकतर शैक्षणिक संस्थानों के बच्चों और लोगों को टीबी के लक्षण और इलाज के बारे में जागरूक किया गया।
शुक्रवार को जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव सिंघल ने कहा कि वर्ष 2025 तक जनपद समेत पूरे देश से क्षय रोग समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित है। इसी क्रम में शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में जागरूकता संबंधी विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। टीबी इकाइयों, डेजिग्नेटेड माइक्रोस्कोपिक सेंटर और गांवों में सामुदायिक स्तर पर जनप्रतिनिधियों की अध्यक्षता में मैजिक शो, नुक्कड़ नाटक व अन्य जागरूकता कार्यक्रम किए गए। अब हमारा प्रयास क्षय रोग मुक्त ग्राम पंचायतें बनाना है। वर्ल्ड टीबी डे मनाने का उद्देश्य ही यही है कि लोगों को इस बीमारी के बारे में पूरी तरह जागरूक किया जाए और लक्षण वाले या संक्रमित व्यक्ति का तत्काल इलाज शुरू किया जाए। इस साल विश्व क्षय रोग दिवस की थीम है, हां! हम टीबी खत्म कर सकते हैं। यह थीम तभी सार्थक होगी। जब इस रोग की समाप्ति के लिए समाज का हर व्यक्ति सहयोग करे। अधिकाधिक लोग निक्षय मित्र के रूप में क्षय रोगियों को गोद लें और उन्हें क्षय रोग से स्वस्थ बनाने में सहयोग करें। हर माह की 15 तारीख को एकीकृत निक्षय दिवस मनाया जा रहा है। इस दिवस पर तत्काल जांच और तत्काल इलाज शुरू करने की व्यवस्था है। इससे लोगों को काफी फायदा हो रहा है। वर्तमान में जिला चिकित्सालय और जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर टीबी की जांच की सुविधा उपलब्ध है। क्षय रोग के नोडल अधिकारी डॉ. मुमताज अंसारी ने बताया कि किसी व्यक्ति में क्षय रोग की पुष्टि हो जाने पर मरीज को 500 रुपए पोषण राशि दी जाती है। यह राशि निक्षय योजना के तहत मिलती है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में 3374 टीबी मरीज खोजे गए। 2023 में अब तक 695 मरीज खोजे गए हैं। उन्होंने बताया कि 101 निक्षय मित्रों ने 1220 मरीजों को गोद लिया है। नोडल अधिकारी ने जनपदवासियों से सक्षम लोगों और संस्थाओं से टीबी मरीजों को गोद लेने की अपील की है।