डिडौली में हो तहसील भवन निर्माण, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
डिडौली(अमरोहा)। डिडौली में तहसील भवन का निर्माण कराए जाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की। आरोप है कि पालिकाध्यक्ष ने अपने निजी स्वार्थ के चलते डिडौली की भूमि का प्रस्ताव रद्द कराकर गुलड़िया में प्रस्ताव पास कराया है। जबकि डिडौली में 32 एकड़ ग्राम समाज की भूमि खाली पड़ी है।
शनिवार को ग्रामीणों ने गुलड़िया में तहसील भवन का प्रस्ताव पास कराने के विरोध में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्तमान में अमरोहा तहसील भवन काफी पुराना एवं क्षतिग्रस्त हालत में होने के साथ ही शहर के बीच में है। तहसील कार्य को जाने वाले ग्रामीणों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। इस समस्या को दृष्टिगत रखते हुए शासन द्वारा जिला प्रशासन से नए तहसील भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजने के आदेश दिए थे। 13 अप्रैल 2022 को डीएम बालकृष्ण त्रिपाठी ने डिडौली में खाली पड़ी 32 एकड़ भूमि का तहसील भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा था। लेकिन अमरोहा नगर पालिका की चेयरमैन शशि जैन ने अपने निजी स्वार्थ के कारण जिलाधिकारी पर दबाव बनाकर डिडौली के तहसील भवन निर्माण को खारिज कराकर गुलड़िया का प्रस्ताव भेज दिया था। कहा कि यह मानक के अनुरूप नहीं था। गुलड़िया का प्रस्ताव शासन ने खारिज कर दिया था। वर्तमान में तहसील निर्माण का मामला अधर में होने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। 29 सितंबर को स्वयंसेवक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यपाल सिंह चौहान ने दर्जनों ग्रामीणों के साथ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को तहसील निर्माण के लिए पत्र सौंप कर डिडौली में ही तहसील निर्माण कराए जाने की मांग की थी। प्रदर्शन करने वालो में राज किशोर गुप्ता, अतुल सिंह, मोनू गुप्ता, चरन सिंह, सुभाष सिंह, नरेंद्र सिंह, गिरीश गुप्ता, राकेश गुप्ता, कैलाश सिंह, छत्रपाल सिंह प्रजापति, मास्टर वेगराम सिंह, चमन सिंह, वीर सिंह, सचिन गुप्ता, अनिल गुप्ता, सनी गुप्ता, सोमपाल सिंह, शकील अहमद आदि मौजूद रहे।