कुपोषण से टीबी रोग के संक्रमण की अधिक संभावना रहती है। इसलिए बेहतर पोषण पर जोर दिया जा रहा है। जिसके लिए सरकार टीबी मरीजों को पैसे भी दे रही है। जिले में करीब 4200 टीबी रोगी है। जिन्हें फिलहाल निक्षय पोषण योजना के तहत लाभ मिल रहा है। अभी तक रोगियों को निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये प्रतिमाह की दर से तीन हजार रुपये पोषण सहायता दी जा रही है। इसे बढ़ाकर अब एक हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। साथ ही सभी नए पंजीकृत लाभार्थियों के साथ-साथ प्रभावी तिथि के बाद और पहले से उपचारित टीबी रोगियों के लिए निक्षय पोर्टल पर अपलोड हुए लाभों पर भी लागू होगी। इसकी तीन हजार रुपये की पहली किस्त उपचार के समय दी जाएगी। जबकि दूसरी किस्त 84 दिन का उपचार पूरा होने के बाद दी जाएगी।
मरीज मिलने के बाद अपलोड की जाती है जानकारी
हर माह की 15 तारीख को निक्षय दिवस मनाया जाता है। इस दिन आशंकित मरीजों की जांच होती है। टीबी की पुष्टि होने के बाद उसका डाटा निक्षय पोर्टल पर अपलोड होता है। इसमें मरीज की जानकारी व खाता संख्या आदि भी अपलोड की जाती है। इसके बाद सरकार की ओर से सीधे मरीज के खाते में रुपये पहुंचते हैं।
टीबी के लक्षण
-दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रहना
-बुखार आना, संक्रमण बढ़ने के साथ बढ़ना
-सांस लेने में दिक्कत होना
-थकावट होना
-वजन कम होना
-रात को सोते समय पसीना आना, ठंड में भी पसीना आना
- निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को विभाग की तरफ से अब तक हर माह 500 रुपये दिए जाते हैं, लेकिन इसे एक हजार रुपये कर दिया गया है। एक नवंबर से मरीज को पौष्टिक आहार के लिए एक हजार रुपये की राशि मिलेगी। टीबी और उसके उपचार के लिए लोगों को विभाग की तरफ से लगातार जागरूक भी किया जा रहा है।
- डॉ. विशाल त्रिवेदी, क्षय रोग अधिकारी।