तीन दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। तेज हवा के चलते धान व गन्ने की फसल जमीन पर बिछ गई है। सब्जी के खेतों में पानी भर गया है। धान और सब्जी को भारी नुकसान होने का अनुमान है। किसानों ने सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की है। वहीं, कृषि विभाग ने बीमा कंपनियों को नुकसान का सर्वे कराकर बीमा धारक किसानों को मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।
जिले में करीब 26 हजार हेक्टेयर में धान की फसल है। जबकि, करीब छह हजार हेक्टेयर जमीन में गोभी, लोबिया की सब्जी है। वर्तमान में धान की फसल पर सुनहरी छा गई है। लेकिन, बारिश ने किसानों को मुसीबत में डाल दिया है। तेज हवा के साथ रुक-रुक कर बारिश से धान की फसल जमीन पर बिछ गई। खेतों में पानी भर गया। शुक्रवार को किसान खेतों पर पहुंचे तो एक तरफ से धान की फसल खेतों में बिछी हुई थी। खेत में खड़ी बाजरा अरहर, उड़द की फसल को भी भारी नुकसान है। जिला कृषि बबलू सिंह ने बताया कि इस बारिश से धान की फसल को बड़ा नुकसान है। इसके लिए बीमा कंपिनयों को नुकसान का सर्वे कराने के लिए कहा गया है। बीमा कंपनी की टीमें बीमा धारक किसानों के नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट देंगे। इसके बाद कंपनियों से फसल के नुकसान का मुआवजा दिलाया जाएगा।