अमरोहा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को लगने वाले मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों में व्यवस्थाएं हावी रहीं। पीएचसी पर कहीं डॉक्टर नहीं पहुंचे तो कहीं दवाओं की कमी दिखी। आयुष चिकित्सक, फार्मासिस्ट व एएनएम ने मरीज देखकर दवाएं दीं। मेले में कहीं खांसी का सिरप तो कहीं बुखार की पैरासिटामोल नहीं मिली। ऐसे में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
अवकाश के दिन मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शुरू हुआ मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला चिकित्सकों के मनमानी की भेंट चढ़ता दिख रहा है। कहीं अस्पताल बंद रहता है, तो कहीं डॉक्टर ही गायब रहते हैं। सर्दी-बुखार के मरीजों की कोविड जांच भी नहीं की जाती है। ऐसे में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों का उपचार नहीं हो पाता है। मरीज घंटों डॉक्टर का इंतजार कर लौट जाते हैं, मगर जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। रविवार को स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित जन आरोग्य मेले की पड़ताल में कुछ इसी तरह का नजारा देखने को मिले। स्थिति ये है कि कहीं से डॉक्टर नदारद रहे तो कहीं स्टाफ नर्स भी गायब रहा। स्थिति ये रही कि डॉक्टरों के बिना मरीज को भी वापस लौटना पड़ा। मोहम्मदी सराय पीएचसी पर बुखार की टेबलेट नहीं थी तो छेबड़ा पीएचसी पर खांसी का सिरफ दिया गया।
11:00 बजे : पीएचसी छेबड़ा नगर के छेबड़ा पीएचसी पर सुबह 11 बजे पांच मरीज मौजूद मिले। इस दौरान प्रभारी डॉ. इकरा असद मौजूद थीं। मरीजों की जांच भी की जा रही थी। इस दौरान मरीज नूर जहां ने बताया कि पीएचसी पर खांसी का सिरप नहीं मिला है।
12:30 बजे: मोहम्मदी सराय
सुबह 12:30 बजे डॉक्टर और स्टाफ नर्स नदारद थे। इंतजार करने के बाद कई मरीज वापस लौट गए। लिहाजा पीएससी पर सन्नाटा पसरा रहा। लैब टेक्नीशियन रिपोर्ट बनाते मिला। एलटी के मुताबिक सीएससी पर बुखार की दवा पैरासिटामोल नहीं है। मरीज सतीश कुमार ने बताया कि डॉक्टर व स्टॉफ मनमानी करता है। समय से पहले ही डॉक्टर चले जाते हैं।
12:10 बजे: चुचेला कलां पीएचसी
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चुचेला कला पर आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले में चिकित्सक डॉ. सुदीप कुमार मौजूद थे। रोगियों के लिए भी पर्याप्त दवाई थी। दोपहर 12:10 पर ग्राम अख्तियारपुर के अहमद अली अपना उपचार कराने आए थे। उनको खांसी बलगम की शिकायत थी।