स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सात दिन के भीतर टीबी के सात ही मरीज मिल गए हैं। अभी यह अभियान 20 सितंबर तक चलेगा। इसके लिए 182 टीमें काम कर रही है।
सरकार ने वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त रखने का लक्ष्य रखा है। इसी कड़ी में टीबी मरीजों को घर-घर जाकर खोजा जा रहा है। कहीं पर टीबी का मरीज चिह्नित होने पर उसका निक्षय पोषण योजना में पंजीकरण उसका नि:शुल्क उपचार के साथ उसे खाते में पोषण के लिए पैसा दिया जाता है। इसी क्रम में इस वर्ष टीबी मरीज खोजी अभियान की शुरुआत 9 सितंबर को की गई थी, जिसमें जिले की 20 फीसदी आबादी की जांच करने का लक्ष्य रखा गया है। टीम को उस विशेष जगह पर जांच करनी है, जहां टीबी के मरीज ज्यादा पाए गए थे या जहां पर ऐसे मरीज मिलने की संभावना ज्यादा रहती है। अभियान के दौरान आशा और आगनबाड़ी को सभी ईंट भट्ठा, मलिन बस्ती,झुग्गी झोपड़ी को कवर करना है।
- अभी तक टीबी के सात मरीज मिल चुके हैं। इन मरीजों को दवा उपलब्ध कराई गई हैं। अभियान अभी जारी है, टीवी के जो भी मरीज मिलेंगे, सभी का उपचार किया जाएगा। - डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ
लंबे समय से खांसी है तो गंभीरता से लें
सीएमओ ने बताया कि अगर आपको भी तीन सप्ताह से अधिक समय से लगातार खांसी की समस्या बनी हुई है तो इसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। लंबे समय तक बनी रहने वाली खांसी की समस्या को टीबी का प्रमुख लक्षण माना जाता है। यह रोग आपके फेफड़ों को प्रभावित करता है। इसके परिणामस्वरूप लगातार खांसी हो सकती है। कुछ अन्य लक्षणों में सीने में दर्द, सांस फूलने और खांसी के साथ खून आने की समस्या भी हो सकती है।