नौगांवा सादात। बांसखेड़ी गांव में हुए सलीम हत्याकांड का नौगांवा सादात पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। चाची भगाने और पिता की मौत का बदला लेने के लिए जुनैद ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर सलीम की हत्या की थी। तंत्र क्रिया कराने के बहाने उसे घटनास्थल पर बुलाया था। हत्याकांड में मृतक की नामजद पत्नी रिहाना और अयूब का रोल नहीं निकला। पुलिस ने घटना का खुलासा करके तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। सीओ सतीश चंद्र पांडेय ने बताया कि नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के बांसखेड़ी गांव के रहने वाले सलीम की दस मार्च की रात गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। उसका शव 11 मार्च की सुबह गेहूं के खेत में पड़ा मिला था। उसके शरीर पर चोट और नील के निशान मिले थेे। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीम ने सबूत जुटाए थे। मृतक सलीम की पत्नी जरीना अपने पांच बच्चों के साथ तमिलनाडु में रहकर मजदूरी करती है। इस मामले में मृतक सलीम की बहन नूरजहां ने पत्नी जरीना और अयूब, जुनैद और फहीम को नामजद कराया था। तभी से पुलिस गहनता से जांच पड़ताल की।
जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी जरीना और अयूब का कोई रोल हत्या में नहीं है। सीओ के मुताबिक साढ़े चार साल पहले सलीम एक महिला को भगा कर ले गया था। उसने करीब डेढ़ साल महिला को अपने पास रखा था। इसके बाद भी सलीम का महिला के पास आना जाना था। वह महिला फहीम की मामी और जुनैद की चाची लगती है, जबकि एक साल पहले जुनैद के पिता महमूद की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। मृतक सलीम तंत्र क्रिया करता था। इसलिए जुनैद को लगा कि सलीम की तंत्रक्रिया करने के कारण उसके पिता महमूद की मौत हुई है और वह धीरे-धीरे परिवार के सभी लोगों को जादू टोना करके मार देगा। बस इसी बात को लेकर जुनैद ने फहीम और अपने दोस्त जावेद के साथ मिलकर 10 मार्च को हत्या की योजना बनाई। जिसके बाद तीनों ने सलीम को फोन करके तंत्रक्रिया करने के बहाने जंगल में बुलाया। यहां पहले उसकी पिटाई की और बाद में गला दबाकर हत्या कर दी।
सीओ ने बताया कि तंत्रक्रिया करने के एवज में 5 हजार रुपये की तय किए थे। हत्या में नामजद मृतक की पत्नी जरीना और अयूब का कोई भी रोल सामने नहीं आया है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया है।