पंचायत राज विभाग की और से पंचायतों में सफाई का जिम्मा सफाईकर्मियों को दिया गया है। जिले की 576 पंचायतों में 1072 सफाईकर्मी तैनात हैं। लेकिन, सफाईकर्मियों की लापरवाही के कारण अक्सर गांवों में गंदगी के अंबार लगे रहते हैं। अधिकांश पंचायतों में सफाईकर्मी या तो पहुंचते ही नहीं हैं या वह सफाई के लिए अपनी एवज में किसी दूसरे आदमी को भेज देते हैं। जिससे गांवों में सफाई की व्यवस्था चरमराई रहती है। इसी के चलते पिछले कई सालों में कई सफाईकर्मियों के विरुद्ध निलंबन व अन्य कार्रवाई भी हुई। अब डीपीआरओ पारुल सिसोदिया ने भी 100 सफाईकर्मियों पर कार्रवाई की है। लापरवाह व कार्य से गायब रहने वाले तथा पिछले किसी भी वित्तीय वर्ष में कार्रवाई की जद में आने वाले सफाई कर्मियों की वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी गई है। डीपीआरओ पारुल सिसोदिया ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई है। कहा कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।