मोबिल कारोबारी के घर हुई डकैती का माल बरामद
मंडी धनौरा (अमरोहा)। 21 अक्तूबर 2022 की रात करीब नौ बजे मोबिल कारोबारी अशोक अग्रवाल के घर हुई डकैती का माल पुलिस ने बरामद कर लिया है। बदमाश सादिक ने अपने बहनाई अनवर के घर जेवर बेचने के लिए रखा था। पुलिस ने अनवर को भी गिरफ्तार कर लिया है।
नगर की घनी आबादी के बीच रहने वाले मोबिल कारोबारी अशोक अग्रवाल के घर छह बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया था। बदमाश दो घंटे तक अशोक अग्रवाल के यहां मौजूद रहे थे। अशोक अग्रवाल द्वारा दर्ज कराई रिपोर्ट के मुताबिक बदमाश उनके घर से 35 हजार रुपये की नकदी व सोने-चांदी के जेवर चोरी कर ले गए थे। दिवाली के त्योहार से दो दिन पहले हुई डकैती ने पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न चिह्न लगा दिया था। एसपी ने इस मामले में लापरवाही बरतने पर कस्बा चौकी इंचार्ज व दो सिपाहियों को निलंबित किया था। पुलिस ने इस घटना में शामिल पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन घटना का मास्टर माइंड माना जा रहा सादिक निवासी कस्बा झालू जनपद बिजनौर पुलिस की गिरफ्त से दूर था। पुलिस द्वारा पकड़े गए बदमाशों ने पुलिस को बताया था कि लूटे गए सोने व चांदी के आभूूषण सादिक के पास ही हैं। पुलिस लगातार सादिक की तलाश में दबिश दे रही थी। बृहस्पतिवार की रात पुलिस ने चेकिंग के दौरान सादिक के बहनोई अनवर पुत्र अमीनउद्दीन निवासी ग्राम फाजलपुर ढाकी थाना हल्दौर को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से काफी मात्रा में सोने व चांदी के जेवर बरामद हुए। पूछताछ में अनवर ने बताया कि यह मेरे साले सादिक ने अपने साथियों के साथ मिलकर मोबिल कारोबारी अशोक अग्रवाल के घर से लूटा था। उसने बेचने के लिए ये जेवरात दिए थे। पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने जेवर बरामद करने वाली टीम को 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
बरामद आभूषण
सोने के 12 कंगन, सोने के पांच टाप्स, सोने की पांच अंगूठी, सोने का एक नेकलेस, सोने का एक पैंडल, सोने की एक गले की चेन, सोने की दो छोटी चेन, सोने के दो सिक्के, सोने के दो छल्ले। अनुमानित कीमत करीब 17 लाख रुपये। चांदी के बरामद आभूषणों की कीमत करीब दो लाख रुपये है।
पुलिस टीम में ये शामिल
प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार, उपनिरीक्षक सुक्रमपाल राणा, उपनिरीक्षक प्रविंद्र मलिक, सिपाही अमित बालियान, रवेंद्र कुमार, स्वेता सिंह व एसओजी टीम अमरोहा
रिपोर्ट कम माल की, लेकिन बरामदगी अधिक
मोबिल कारोबारी अशोक अग्रवाल ने अपने यहां हुई लूट की वारदात में 35 हजार रुपये की नकदी, अपनी व पत्नी के गले की सोने की चेन व अंगूठी और पत्नी के कानों के कुंडल लूटने की बात पुलिस को बताई थी। रिपोर्ट में भी इतने नुकसान का जिक्र किया गया था। हालांकि बदमाशों के दो घंटे तक मोबिल कारोबारी के घर के भीतर रहने की जानकारी मिलने पर लोगों को मोबिल कारोबारी द्वारा बताए गए नुकसान पर यकीन नहीं हो पा रहा था। बाजार में आम चर्चा थी कि बदमाश अपने साथ करीब 50 लाख रुपये की नकदी व सोने-चांदी के जेवर ले गए हैं। लेकिन अब पुलिस द्वारा बरामद आभूषणों से लोगों को अपने अनुुमान पर यकीन हो गया है। वही चर्चा है कि उस समय पुलिस ने ही कारोबारी पर कम नुकसान लिखवाने का दबाव बनाया था।
लूट को बाद में डकैती में दर्ज किया गया था
मोबिल कारोबारी के घर हुई वारदात को पहले पुलिस द्वारा लूट में दर्ज किया गया था। बाद में घटना में शामिल बदमाशों के पकड़े जाने के बाद बदमाशों की संख्या छह होने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने लूट की घटना को डकैती में दर्ज किया। प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार ने बताया कि कारोबारी द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर घटना लूट में दर्ज की गई थी, लेकिन बाद में इसे डकैती में दर्ज कर लिया गया था। संवाद