Roads of half the city filled with 15 mm of rain
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थोड़ी देर की पंद्रह एमएम झमाझम बारिश से आधे शहर में सड़कें पानी से लबालब हो गईं। सड़कों और कालोनियों ने तालाब का रूप धारण कर लिया। बच्चों ने गलियों में भरे पानी में उछलकूद कर बारिश का आनंद लिया। बारिश बंद होने के घंटों बाद तक राहगीरों को सड़कों पर भरे गंदे पानी से गुजरना पड़ा। मूसलाधार बारिश से मौसम में ठंडक बन गई। ये बारिश फसलों के अमृत साबित होगी। जिससे किसानों के चेहरे पर खुशी लौट आई।
बुधवार की सुबह से बादलों की आवाजाही के बीच उमस भरी गर्मी पड़ रही थी। गर्मी में लोग पसीना-पसीना हो रहे थे। लेकिन करीब ग्यारह बजे के बाद आसमान में बादल छाने लगे। ठंडी हवा बारिश की ओर इशारा कर रही थी। जिसके बाद बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई। इसके बाद झमाझम बारिश जारी रही। जिसके कारण शहर के रेलवे स्टेशन रोड, बिजनौर मार्ग, कल्यानपुर मार्ग और कोतवाली के सामने पानी भर गया। जिसके कारण लोगों को आने जाने में काफी समस्या उठानी पड़ी। पैदल तो छोड़ो बाइक सवारों को भी दिक्कत हुई। इसके अलावा शहर के कोट, चौब, नल, आवास विकास, दानिशमंदान, अंबेडकर पार्क, लकड़ा चौराहा सहित दर्जनों मोहल्लों की सड़कें पानी से लबालब भर गईं। जिसके कारण लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हुई। घंटों लोग अपने ही घरों में कैद रहे। जिन्हें जरूरी काम से घर से निकलना पड़ा उन्होंने सड़कों पर भरे गंदे पानी से निकलने की मुसीबत झेलनी पड़ी। वहीं बच्चों ने बारिश में जमकर आनंद लिया। सड़कों पर भरे गंदे पानी में मौज-मस्ती करते दिखाई दिए। जिला कृषि अधिकारी ने बुधवार को करीब 15 मिलीमीटर बारिश होने का अनुमान है। वहीं बारिश धान के साथ अन्य फसलों के लिए बहुत लाभदायक साबित होगी।
बारिश के बाद सबसे ज्यादा परेशानी बाइक सवारों को हुई। सड़कों पर भरा लबालब पानी से बचकर निकलने के लिए लोग बाइक का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं। मगर देखा गया कि जैसे बाइक सड़कों पर भरे पानी से होकर निकलते उनके साइलेंसर और स्पार्क प्लग में पानी भरने के कारण बाइक बंद हो गई।
झमाझम बारिश होने के साथ ही शहर कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले लोगों की धड़कने बढ़ जाती हैं। जब-जब तेज बारिश होती है वह ईश्वर से रहम की दुआ करते रहते है। इस तरह के दर्जनों घर शहर और उसके आसपास स्थित है।