गजरौला। बिजनौर बैराज से 134739 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जल स्तर दस सेंटीमीटर बढ़ कर 200.80 मीटर हो गया है। खतरे के निशान से 1.20 मीटर दूर रह गया है। गंगा के टापू में बसे गांवों और खादर क्षेत्र में दोबारा बाढ़ के हालात बनते जा रहे हैं। जिससे ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ गई हैं। उनको फसलों को बचाने की चिंता सताने लगी है।
गंगा का जल स्तर 15 दिन तक 201 मीटर से अधिक रहा। जिससे हसनपुर व धनौरा तहसील क्षेत्र के टापू में बसे गांवों के साथ ही उन गांवों की फसलें भी तबाह हुईं, जो गंगा किनारे हैं। इसके बाद गंगा का जल स्तर कम होने लगा था, लेकिन दो दिन से दोबारा फिर बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को बिजनौर बैराज से 134739 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जल स्तर दस सेंटीमीटर बढ़ कर 200.80 मीटर हो गया। जिससे दारानगर, शीशों वाली, भुड्डी वाली, ओसीता जगदेवपुर, जाटों वाली, ढाकों वाली आदि गांवों के खेतों में दोबारा बाढ़ का पानी भरने लगा है।
जिससे ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ गई हैं। उनको यह चिंता सताने लगी है कि जो फसल पहले आई बाढ़ से फसल तबाह होने के कगार पर पहुंच गई थी, वह दोबारा बाढ़ की चपेट में आ गई तो उसका बचना मुश्किल है। जिसका खामियाजा टापू में बसे गांवों के साथ ही खादर के ग्रामीणों को भुगतना पड़ेगा। फसल नष्ट होने से वह आर्थिक रूप से कमजोर हाेंगे। जेई सुभाष चंद गहलौत का कहना है कि गंगा का जल स्तर दस सेंटीमीटर और बढ़ गया है। अभी लगातार और बढ़ जाने की संभावना है।