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Amroha News: पंजीयन केवल 110 का, चल रहे 900 से अधिक अस्पताल

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अमरोहा। जिले भर में पंजीकृत अस्पताल का जाल फैला हुआ है। झोलाछाप मरीजों की नासमझी का फायदा उठा रहे है। नतीजा यह होता है कि गलत इलाज से मरीजों को लेने के देने पड़ जाते हैं। यह हम नहीं कह रहे बल्कि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े इसके गवाह हैं। जिले में मात्र 110 अस्पताल ही पंजीकृत हैं जबकि 900 से ज्यादा बिना पंजीकृत ही संचालित हो रहे हैं। अब झोलाछाप क्लीनिक और अस्पतालों पर प्रशासन शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है। सीएमओ कार्यालय में इसके लिए टीमें गठित की जा रही हैं।
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जिले में संचालित अवैध क्लीनिक और अस्पतालों की शिकायतें शासन तक पहुंच रही हैं। ग्रामीण इलाकों में झोलाछाप इलाज के बहाने भोले-भाले ग्रामीणों से अवैध धन उगाही कर रहे हैं। कुछ दलाल भी इस काम में संलिप्त हैं, जो ग्रामीणों को बेहतर इलाज कराने की बात कहकर उन्हें इन फर्जी चिकित्सकों के पास भेज रहे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने टीमें गठित कर छापेमारी की योजना तैयार की है। गठित टीमें अपंजीकृत अप्रशिक्षित व अवैध रूप से प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों, उनके क्लीनिक व उनके कागजातों की जांच करेगी।
जांच के बाद फर्जी पाए जाने पर ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ क्लीनिक और अस्पतालों को सील किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अवैध क्लीनिक संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। मालूम रहे कि स्वास्थ्य विभाग के पास केवल 110 अस्पताल, क्लीनिक और नर्सिंग होम का पंजीयन हैं। जबकि 900 से अधिक क्लीनिक अस्पताल संचालित हो रहे हैं। बड़ी संख्या में झोलाछाप अस्पतालों का संचालन कर रहे हैं। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई के लिए टीमें तैयार की जा रही हैं। अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
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हर साल दर्जनों लोगों की गलत इलाज से हो रही मौत
अमरोहा। जिले में हर साल दर्जनों लोगों की मौत गलत उपचार के कारण हो रही है। झोलाछाप की लापरवाही से गर्भवती और नवजात की मौत हो जाती है। ऐसे कई मामले पहले सामने आ चुके हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की लचीली कार्रवाई के कारण अवैध क्लीनिक संचालकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाती है। असलियत में सीएमओ कार्यालय में मौजूद जिम्मेदारों से हमसाज होकर अवैध क्लीनिक और अस्पतालों का संचालन किया जा रहा है।
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