अमरोहा। श्री साइन एंबुलेंस सर्विसेज और गगन त्यागी एंबुलेंस सर्विस के फर्जी नाम-पते पर रजिस्टर्ड 448 एंबुलेंस के पंजीयन को निरस्त कर दिया गया है। अब परिवहन विभाग की ओर से फर्जी फर्म के मालिकों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है।
सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता अनिल जग्गा ने परिवहन विभाग के अधिकारियों से फर्जी फर्म का गठन कर कूटरचित प्रपत्रों के जरिए 700 एंबुलेंस का पंजीयन करने का आरोप लगाया था। एंबुलेंस की संख्या का खुलासा एआरटीओ द्वारा आरटीआई के जवाब से हुआ था। एंबुलेंस के पंजीयन पत्रावली में वाहन के पंजीकृत मालिकों द्वारा कारोबार के स्थान के पते के प्रमाणपत्र के रूप में कागजात लगाए गए, वह कूटरचित हैं। सात सौ से अधिक एंबुलेंस केवल दो फर्जी फर्मों श्री साइन एंबुलेंस सर्विसेज निकट एआरटीओ ऑफिस अतरासी रोड और गगन त्यागी एंबुलेंस सर्विस ग्राम तिगरिया खादर गजरौला और करीब सौ एंबुलेंस इकबाल नगर कस्बा जोया के पते पर पंजीकृत हैं।
हकीकत में उन नाम-पते पर कोई एंबुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं है। नाम-पते पूरी तरह फर्जी हैं। इतना ही नहीं इन पतों पर कोई भी एंबुलेंस सर्विस देने वाली संस्था कार्यरत नहीं है। एंबुलेंस के अधिकतर मालिक उत्तर प्रदेश राज्य से बाहर दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा के मूल निवासी हैं।
एआरटीओ महेश कुमार शर्मा ने बताया कि नोटिस जारी करने के बाद 448 एंबुलेंस पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। फर्जी नाम पते पर एंबुलेंस का पंजीयन कराने वाले फर्म के मालिकों पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। ये कार्रवाई उप परिवहन आयुक्त के निर्देश पर की कार्रवाई गई है।