गजरौला(अमरोहा)। रेलवे स्टेशन पर टीटीई के डर से ट्रेन से कूदने के कारण घायल हुईं बिहार राज्य निवासी मां-बेटी के आरपीएफ दरोगा ने बयान दर्ज किए। मजदूर जितेंद्र से भी पूछा कि टीटीई द्वारा टिकट होने के बावजूद स्टेशन पर उतार लेने के मामले में क्या वह कोई कार्रवाई चाहता है। उसे आरपीएफ से कोई शिकायत तो नहीं है।
बीते शुक्रवार को बिहार के जिला बेंतिया के लोरिया थाना क्षेत्र के गांव मलाही टोला निवासी 25 वर्षीय जितेंद्र अपनी पत्नी अंगरिया देवी व सास कुसुमवती सत्याग्रह एक्सप्रेस ट्रेन से हरियाणा मजदूरी करने जा रहा था। वह सामान्य कोच का टिकट होने के बावजूद स्लीपर कोच में सफर कर रहे थे। चेकिंग कर रहे टीटीई ने मजदूर जितेंद्र को पकड़ कर नीचे उतार लिया था। टीटीई पर आरोप है कि वह मजदूर पर स्लीपर कोच में सफर करने के मामले में 13 सौ रुपये का जुर्माना लगा रहा था। इन्कार करने पर टीटीई ने उसे दो थप्पड़ मार दिए थे। इसके बाद वह उसे लेकर चल दिया था। जबकि ट्रेन भी रवाना हो गई थी।
यह देख कुसुमवती व अंगरिया देवी ने डर के मारे ट्रेन से छलांग लगा दी थी। जिससे दोनों घायल हो गई थीं। घायलों को उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया था। आरपीएफ के एक दरोगा पर आरोप है कि उसने मजदूर को प्रताड़ित करने वाले टीटीई को बचाने का प्रयास करते हुए दूसरी ट्रेन पकड़वाई और हरियाणा भेज दिया। घायल मां-बेटी के बयान दर्ज नहीं किए। मजदूर जितेंद्र से भी नहीं पूछा कि उसके साथ क्या घटना हुई है, जबकि वह कार्रवाई की गुहार लगा रहा था।
उधर मामला आला अफसरों तक पहुंचने के कारण रेलवे के अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने जांच शुरू कर दी है। जीआरपी के चौकी इंचार्ज मनोज कुमार पर के निर्देश पर रविवार को आरपीएफ का संबंधित दरोगा हरियाणा में मजदूरी कर रहे जितेंद्र के पास गया। घायल उसकी पत्नी अंगरिया देवी व सास कुसुमवती के बयान दर्ज किए। जितेंद्र से भी घटना के बारे में जानकारी ली। उसका कहना है कि आरपीएफ का दरोगा बयान दर्ज कर ले गया है।