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Amroha News: 9.36 करोड़ का जुर्माना अदा न करने पर चार टोल कंपनियों की आरसी जारी

Sat, 30 Dec 2023 12:24 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा। चार टोल कंपनियों द्वारा मात्र सौ रुपये के स्टांप पर करोड़ों रुपये के अनुबंध करने के मामले में एडीएम कोर्ट द्वारा लगाए गए नौ करोड़ छत्तीस लाख रुपये का जुर्माना समय पर अदा न करने पर प्रशासन सख्त हो गया है। अब राजस्व विभाग ने इन कंपनियों के खिलाफ आरसी जारी कर दी है।
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एनएचएआई के नेशनल हाईवे 9 पर जोया में टोल प्लाजा स्थित है। वाहनों से टोल वसूली के लिए मैसर्स सुरेंद्र शुक्ला नवी मुंबई महाराष्ट्र, मैसर्स प्रकाश असफाल्टिंग एंड टोल हाईवे इंडिया लिमिटेड महू इंदौर मध्य प्रदेश, मैसर्स ईगल इंफ्रा इंडिया लिमिटेड उल्लास नगर महाराष्ट्र कंपनियों अलग अलग समय में केवल 100 रुपये के स्टांप पर एनएचएआई से करोड़ों रुपये का अनुबंध कर लिया। मैसर्स सुरेंद्र शुक्ला ने 10 अक्टूबर 2018 से 11 जनवरी 2019 तक टोल का अनुबंध 14,63,999 रुपये प्रतिदिन देयता के हिसाब से किया। जिसमें स्टांप ड्यूटी 36,30,720 रुपये बनती थी। लेकिन कंपनी ने केवल 100 रुपये के स्टांप पर ही तीन माह के लिए अनुबंध कर लिया। कंपनी ने 3630620 रुपये की स्टांप चोरी की। इसके अलावा मैसर्स प्रकाश असफाल्टिंग एंड टोल हाईवे इंडिया लिमिटेड ने भी 12 फरवरी 2019 से 12 मई 2019 तक के लिए 15,51,000 रुपये प्रतिदिन देयता के अनुसार अनुबंध किया।
इस कंपनी पर 8468460 रुपये का स्टांप शुल्क बनता था, लेकिन मात्र सौ रुपये के स्टांप शुल्क लगाने के बाद 8468360 रुपये की स्टांप चोरी कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया गया था। इसके अलावा मैसर्स ईगल इंफ्रा इंडिया लिमिटेड उल्लास नगर महाराष्ट्र ने साल 23 जून 2016 से 22 जून 2017 तक एक साल से के लिए एनएचएआई से अनुबंध किया था। इसमें भी सौ रुपये के स्टांप शुल्क पर अनुबंध कर लिया गया। इसमें एक करोड़ 13 लाख 73 हजार 400 रुपये की स्टांप चोरी सामने आई। इसी तरह के मामले में सितंबर माह में सहकार ग्लोबल लिमिटेड कंपनी पर भी सौ स्टांप पर अनुबंध के मामले में जुर्माने की कार्रवाई की गई थी। एडीएम कोर्ट से इस कंपनी पर दो करोड़ इकतीस लाख 97 हजार 740 रुपये का जुर्माना लगाया था। चारों कंपनियों को जुर्माना जमा करने के लिए तीस दिनों का समय दिया गया था। लेकिन निर्धारित अवधि में टोल कंपनियों द्वारा जुर्माने की राशि अदा नहीं की गई। जिसके बाद राजस्व विभाग द्वारा चारों कंपनियों के विरुद्ध आरसी जारी की गई है।
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एडीएम वित्त एवं राजस्व सुरेंद्र सिंह की कोर्ट ने सुनवाई करते हुए मैसर्स ईगल इंफ्रा इंडिया लिमिटेड पर 3 करोड़ 41 लाख बीस हजार 200 रुपये, मैसर्स सुरेंद्र शुक्ला पर एक करोड़ आठ लाख 91 हजार आठ सौ साठ रुपये तथा मैसर्स प्रकाश असफाल्टिंग एंड टोल हाईवे इंडिया लिमिटेड पर दो करोड़ 54 लाख पांच हजार 518 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। तीनों पर सात करोड़ 4 लाख 17 हजार 240 रुपये तथा सहकार ग्लोबल कंपनी पर दो करोड़ इकतीस लाख 97 हजार 740 रुपये का जुर्माना समेत चारों कंपनियों पर 9 करोड़ 36 लाख 14 हजार 980 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।



2019 में पकड़ में आए थे स्टांप चोरी के मामले



साल 2019 में तत्कालीन महानिरीक्षक निबंधन ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को जनपदों में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल के संग्रह किए जाने के अनुबंध पत्रों पर स्टांप शुल्क की वसूली के संबंध में जांच के आदेश दिए गए थे। जिसके बाद जोया टोल पर स्टांप चोरी का बड़ा खेल पकड़ में आया था।
एडीएम वित्त एवं राजस्व सुरेंद्र सिंह ने बताया कि जुर्माना समय पर जमा न करने पर चारों कंपनियों के खिलाफ आरसी जारी कर दी गई है। जिसमें सहकार ग्लोबल लिमिटेड कंपनी ने आरसी के विरुद्ध हाईकोर्ट की शरण ली। जिसके बाद कंपनी को स्टे मिल चुका है। इस कंपनी पर दो करोड़ इकतीस लाख 97 हजार 740 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
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