अमरोहा के मोहल्ला शफातपोता स्थित इमामबाड़ा हुसैनिया में आयोजित मुशायरे की शुरुआत तिलावते कलाम-ए-पाक से की गई। जीशान बरेलवी ने पढ़ा, सरकारे दो आलम की सना कैसे करू मैं, कुरान सा लहजा तो मेरे बस में नहीं है। शादाब अमरोहवी यूं कहा, इस्लाम का चिराग जलाया रसूल ने, दुनिया से तीरागी को मिटाया रसूल ने। तनवीर उस्मानी ने ऐसे कहा, आती है निदा अर्श से तनवीर जमीं पर, हसनैन के नाना की विलादत हो मुबारक।
मुस्तकीम कुरैशी ने पढ़ा, है पत्थर पा नक्शे कदम उनका साबित, जमीं पर मगर उनका साया नहीं है। इनके अलावा शमसुल हसन, तनवीर जमाल उस्मानी, पंडित भुवन शर्मा, मोहसिन इमरान, मौलाना साद अमरोहवी आदि ने भी अपने कलाम पेश किए। अध्यक्षता इमाम जुमा-वल-जमात मौलाना डाॅ. मोहम्मद सियादत नकवी तथा संचालन प्रोफेसर नाशिर नकवी व ताजदार अमरोहवी ने संयुक्त रूप से किया। संयोजक अख्तर अब्बास अप्पू ने सभी का शुक्रिया अदा किया। इस दौरान मौलाना डाॅ. शहवार हुसैन, मौलाना मिकदाद, मौलाना कौसर मुज्तबा, नौशा अमरोहवी, वाहिद अमरोहवी आदि मौजूद रहे।