अमरोहा। जिले में आंखों का संक्रमण बहुत तेजी से बढ़ रहा है। युवा हो या बुजुर्ग या फिर बच्चे सभी आई फ्लू के चपेट में आ रहे हैं। बच्चों को स्कूलों से वापस भेजा जा रहा है। उधर, जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आंखों के संक्रमण के मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में 1792 मरीजाें की ओपीडी हुई, जिसमें 320 मरीज आंखों की बीमारी के थे। अचानक तेजी से बढ़ रहे आई फ्लू के चलते अस्पतालों में ड्राप भी कम मिलनी शुरू हो गई हैं।
बारिश और उमस के बाद आंखों का संक्रमण पैर पसार रहा है। नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में बड़ी संख्या में आई फ्लू से पीड़ित मरीज अपना इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। सोमवार को नेत्र रोग विभाग में कुल 320 मरीजों में 250 मरीज आई फ्लू से संक्रमित थे। आई फ्लू से पीड़ित मरीजों में बच्चे, युवा एवं बुजुर्ग भी शामिल हैं। यहां मिले आई फ्लू की मरीज शमीमा, मंगल सिंह, सुनीता, सोमपाल, नौशाद आदि का कहना है कि जिला अस्पताल में आई फ्लू के संक्रमण की दवाई लेने के लिए पहुंचे थे। लेकिन अस्पताल में पूरी दवाई नहीं मिल सकी। डाॅक्टर द्वारा लिखी गईं दवाइयाें में कुछ दवाइयां ही उपलब्ध थीं। यही हाल हसनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी है। यहां सोमवार को कुल 400 की ओपीडी हुई। जिसमें 150 मरीज आई फ्लू से पीड़ित अपना इलाज कराने के लिए पहुंचे। उधर, मंडी धनौरा में भी आई फ्लू का प्रकोप लगातार बना हुआ है। यहां सरकारी अस्पताल में पहुंचने वाला हर दूसरा मरीज आई फ्लू से पीड़ित रहा। सीएचसी में भी आई फ्लू की दवाइयों का टोटा होता नजर आ रहा है।
जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. एके गौतम का कहना है कि मौसम के बदलने एवं हवा में नमी के कारण यह रोग पनपता है। संक्रमण होने से आंखों मे खुजली, लाली पन, चुभन, जलन और आंखों से पानी का रिसाव शुरू हो जाता है ओर आंखों मे सूजन आने लगती है। उनका कहना है कि इससे घबराने की जरूरत नही है। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
डॉक्टर एके गौतम का कहना है कि उमस बढ़ने से अचानक आईफ्लू के मामले बढ़ने लगे हैं। ऐसे में अभिभावकों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। आई फ्लू से पीड़ित बच्चों को स्कूल न भेजें। संक्रमण फैलने पर बच्चों को आंखें न मसलने दें। दूसरों के संपर्क में न आने दें। ताकि, दूसरे भी इससे पीड़ित न हो जाएं।