कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए एसडीएम ने रामलीला प्रबंध समिति के चुनाव पर रोक लगा दी। इससे रामलीला के मंचन अटक सकता है। हालांकि एक पक्ष ने समिति के पूर्व कोषाध्यक्ष जागेश अग्रवाल को अपना अध्यक्ष चुनकर रामलीला मंचन की तैयारी शुरू कर दी हैं, जबकि निवर्तमान अध्यक्ष अपने नेतृत्व में ही रामलीला का मंचन कराने की बात कह रहे हैं।
रामलीला प्रबंध समिति के चुनाव हर तीन साल में होते हैं। इस बार एक अगस्त को चुनाव प्रस्तावित थे, लेकिन एसडीएम चंद्रकांता ने कांवड़ यात्रा व मोहर्रम पर कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए चुनाव पर रोक लगा दी थी। हालांकि, समिति के कई कार्यकारिणी सदस्यों व आजीवन सदस्यों का आरोप था कि चुनाव पर रोक राजनैतिक दबाव में लगाई गई है। कांवड़ यात्रा के समापन के बाद भी चुनाव पर लगी रोक नहीं हटने से रामलीला के मंचन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
रामलीला महोत्सव शुरू होने में अब 25 दिन बाकी है, लेकिन अभी तक मंचन की तैयारी भी शुरू नहीं हुई हैं। रामलीला प्रबंध समिति के निवर्तमान कार्यकारिणी सदस्यों व आजीवन सदस्यों के एक गुट ने चुनाव नहीं कराने पर रोष व्यक्त करते हुए रामलीला मंचन के लिए पूर्व कोषाध्यक्ष जागेश अग्रवाल को अपना अध्यक्ष चुनकर रामलीला के मंचन की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने नगर के जिम्मेदार लोगों से सहयोग की अपील की है। इस बैठक में पुनीत मांगलिक, नवनीत वर्मा, आशीष पाठक, आमोद कुमार, गजब सिंह, अवनीश कुमार, वीरेंद्र शर्मा आदि शामिल हुए थे। वही दूसरी ओर रामलीला प्रबंध समिति के निवर्तमान अध्यक्ष अजय गोयल का कहना है कि रामलीला मंचन की तैयारियां जारी है। चुनाव नहीं होने की स्थिति में निवर्तमान कार्यकारिणी ही रामलीला का मंचन कराएगी।