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Amroha News: भाजपा की कमलेश आर्य को 1187 मतों से पराजित कर बसपा की पहली अध्यक्ष बनीं राजेंद्री उर्फ उमा देवी

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गजरौला (अमरोहा)। बसपा की राजेंद्री उर्फ उमा देवी भाजपा की कमलेश आर्य को 1187 मतों से पराजित कर अपनी पार्टी की पहली नगर पालिका अध्यक्ष निर्वाचित हुई हैं। उन्होंने सत्तारूढ़ दल की प्रत्याशी को कुर्सी पर काबिज होने से रोक दिया। बताते चलें कि गजरौला नगर पंचायत एवं नगर पालिकाध्यक्ष की कुर्सी पर भाजपा तीन बार काबिज रही है।
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गजरौला नगर पालिका पर पूरे प्रदेश की नजर टिकी हुई थी। यहां बसपा से पूर्व विधायक हरपाल सिंह की पत्नी राजेंद्री उर्फ उमा देवी मैदान में थीं, जबकि भाजपा ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष कमलेश आर्य को चुनाव लड़ाया। वह जिला पंचायत सदस्य थी। जिससे इस्तीफा दिलाकर मैदान में उतारा गया। चुनाव का बिगुल बजने के बाद से ही बसपा की तरफ से पूर्व विधायक हरपाल सिंह को सबसे मजबूत माना जा रहा था। चौराहा, चाय की दुकानों व ठेले पर खड़े होने वाले लोगों की जुबान से यही निकलता था कि मुकाबला बसपा से है। सपा को लड़ाई से बाहर बताते थे। शनिवार को आए परिणाम ने जनता की आवाज पर मोहर लगा दी। राजेंद्री उर्फ उमा देवी भाजपा की कमलेश आर्य को 1187 मतों से पराजित कर गजरौला की दूसरी नगर पालिका अध्यक्ष निर्वाचित हुईं। इसके अलावा वह बसपा की पहली नगर पालिका अध्यक्ष भी हैं। उनसे पहले इस कुर्सी पर बसपा से कोई जीत कर नहीं पहुंचा। बसपा प्रत्याशी ने भाजपा की चौथी बार पालिकाध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज होने की कोशिश को नाकाम कर दिया।
गुटबाजी रही हार का कारण
गजरौला। भाजपा पालिका अध्यक्ष पद की प्रत्याशी कमलेश आर्य की हार में प्रमुख भूमिका पार्टी की गुटबाजी ने निभाई। टिकट के दावेदारों ने कमलेश आर्य को पार्टी द्वारा प्रत्याशी बनाए जाने का विरोध करते हुए कहा था कि वह दो दशक से भी लंबे समय से भाजपा का झंडा उठा रहे हैं। इस बार उनको उम्मीद थी कि पार्टी से टिकट मिल जाएगा। मोदी व योगी की हवा चल रही है। जिसके बल पर वह पालिका अध्यक्ष बन जाएंगे, लेकिन कमलेश आर्य ने टिकट हासिल कर उनका हक छीन लिया।
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