गजरौला। गंगा एक्सप्रेस वे की मजबूती के लिए राजस्थान के पहाड़ों से पत्थर युक्त मिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है। मिट्टी मालगाड़ियों में लाद कर लाई जा रही है। बीते महीने राजस्थान से बजरी और बजरपुट लेकर 35 मालगाड़ियां आईं । जिनमें 15 मालगाड़ियों में पत्थर युक्त मिट्टी थी। जिसे गंगा एक्सप्रेस वे पर डाला गया। रोजाना मालगाड़ियों में लाद कर मिट्टी लाई जा रही है।
पश्चिमी यूपी को पूर्वांचल के जिलों से जोड़ने के लिए बनाए जा रहे ऐतिहासिक गंगा एक्सप्रेस का काम तेज गति से चल रहा है। जिले से गुजर रहे इस एक्सप्रेस वे के बन जाने पर लोगों को प्रयागराज पहुंचने में खासी सहूलियत रहेगी। दूरी कम होगी और समय भी कम लगेगा। 13 मीटर ऊंचे एक्सप्रेस वे पर आस पास गांवों के खेतों से खदान कर मिट्टी डाली जा रही है। विशेषज्ञों की मानें तो मैदानी इलाकों की मिट्टी मजबूत नहीं होती। चाहे कितना भी रोड रोलर का इस्तेमाल कर लिया जाए, लेकिन बारिश होने पर जरूर
धंस जाती है। जिससे सड़क में दरार पड़ जाती है। कई स्थानों पर सड़क टूट जाती है। कभी कभार हादसे हो जाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए एक्सप्रेस वे पर राजस्थान की पत्थर युक्त मिट्टी डलवाने का निर्णय लिया गया। क्योंकि पहाड़ों की मिट्टी में पत्थर, कंक्रीट आदि मिला होता है। जिससे यह बेहद मजबूत होती है। इसकी खास बात यह है कि इसे डालने के बाद समतल करने के लिए रोड रोलर भी बहुत अधिक इस्तेमाल नहीं करना पड़ता। भारी और पत्थर युक्त होने के कारण यह अपने आप ही बैठ जाती है। स्टेशन अधीक्षक सरदार सिंह का कहना है कि बीते महीने रेलवे स्टेशन पर राजस्थान से 35 मालगाड़ियों में बजरी, बजरपुट, कंक्रीट और पत्थर युक्त मिट्टी आई। जिसे गंगा एक्सप्रेस वे पर डाला जा रहा है।