गजरौला (अमरोहा)। रेलवे-स्टेशन पर बने छह शौचालयों के साथ ही स्टेशन की सफाई व्यवस्था ठेकेदार के हाथ में दी गई है। अब रेलवे के टिकट काउंटर को भी ठेकेदार को सौंप दिया गया है। यहां पर तैनात रेलवे के चारों कर्मचारियों का दूसरे जिलों को तबादला कर दिया गया है। टिकट काउंटर पर ठेकेदार के कर्मचारी काम कर रहे हैं।
रेलवे के निजीकरण की सुगबुगाहट काफी समय से चल रही थी। मगर इस पर मुहर लगने का काम बीते महीने शुरू हुआ, जब रेलवे-स्टेशन पर सफाई व्यवस्था ठेकेदार को दे दी गई। छह सामुदायिक शौचालय ठेके पर दिए गए।
अब रेलवे-स्टेशन के टिकट काउंटर को भी रेलवे ने निजी हाथों में दे दिया है। एक ठेकेदार को तीन साल के लिए ठेका दिया गया है। जिसके बाद उसने अपने कर्मचारियों को टिकट काउंटर पर तैनात कर दिया है। जबकि यहां पर तैनात रेलवे के चारों कर्मचारी कृष्ण कुमार का बिजनौर के हल्दौर, अशोक कुमार व सोनू कश्यप का मुरादाबाद तबादला कर दिया गया है, जबकि तेजपाल को हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर स्टेशन पर स्थानांतरण किया गया है। रेलवे के कर्मचारियों में जैनेंद्र कुमार ही रह गए हैं। स्टेशन अधीक्षक सरदार सिंह ने पुष्टि करते हुए कहा कि टिकट काउंटर तीन साल के लिए ठेकेदार को दे दिया गया है। ठेकेदार के कर्मचारी ही टिकट वितरण का काम कर रहे हैं।
शौचालय में जाने और नहाने पर खर्च करने पड़ते हैं रुपये
रेलवे स्टेशन परिसर में दो साल पूर्व छह शौचालय बनाए गए थे। जिनमें तीन महिलाओं के लिए और तीन पुरुषों के लिए हैं। शौचालय के साथ ही बाथरूम भी है। इनको इसलिए बनाया गया था, ताकि यात्रियों और कर्मचारियों को शौच के लिए भटकना न पड़े। बीते महीने इन छह शौचालयों को ठेके पर दे दिया गया। जिसके चलते इनका इस्तेमाल करने पर जेब ढीली करनी पड़ रही है। जहां शौच को जाने पर पांच रुपये और नहाने पर दस रुपये खर्च करने पड़ते हैं। सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखना भी ठेकेदार की जिम्मेदारी है।