अमरोहा। शहर के माधो सिनेमा हॉल के ध्वस्तीकरण के दौरान हुई घटना से मोहल्ला काली पगड़ी में मातम पसरा है। घटना में किसी ने घर का चिराग खोया तो किसी के सिर से बाप का साया उठ गया। मोहल्ले में पीड़ित परिवारों के घर ढांढस बंधाने वालों का तांता लगा हुआ है। माधो सिनेमा हॉल के ध्वस्तीकरण के दौरान दीवार के साथ गिरे छज्जे के नीचे दबने से मोहल्ला काली पगड़ी निवासी 45 वर्षीय रफीक की मौत हो गई। जबकि उसके दो सगे भाई तौफीक और जहीर व दो बेटे आमिर और जैद गंभीर रूप से घायल हो गए। एक ही परिवार के पांच लोगों के साथ घटना से हर कोई स्तब्ध है। रफीक और उसका परिवार मजदूरी कर अपनी गुजर बसर कर रहा था। अब रफीक की मौत और उसके दो बेटों आमिर (25 वर्ष) और जैद (20 वर्ष) के घायल होने से परिवार पर गुजर बसर का संकट मंडराने लगा है। रफीक का परिवार मजदूरी के सहारे ही अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था। मजदूरी के अलावा रफीक के परिवार के पास अन्य कोई और साधन नहीं था। घटना ने रफीक की पत्नी इशरत को तोड़कर रख दिया। रफीक के दो भाई तौफीक और जहीर भी हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना में रफीक के पड़ोस में रहने वाला 19 वर्षीय यासीन पुत्र सनव्वर भी हादसे का शिकार हो गया। जिसमें उसकी जान चली गई। यासीन अपने बुजुर्ग माता पिता का इकलौता कमाने वाला था। उस पर अपने दो छोटे भाई और एक बहन के पालन पोषण की जिम्मेदारी थी। इसी मोहल्ले के 25 वर्षीय मेहंदी हसन भी हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हसन पर भी अपने बीमार बुजुर्ग पिता की जिम्मेदारी है। घटना के बाद मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है। पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाने के लिए लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।
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