अमरोहा। सिंचाई विभाग पर हठधर्मिता का आरोप लगाकर जग्गा नगला के ग्रामीणों का धरना मंगलवार को सातवें दिन भी जारी रहा। आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों की नीतियां किसान विरोधी हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि जग्गा नगला को जोड़ने वाले रास्ते पर पुल का निर्माण करते समय अवर अभियंता ने सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों की मिली भगत से पुल को 4 मीटर जग्गा नगला गांव की तरफ शिफ्ट कर दिया था जबकि नहर बनाने का कार्य 6 महीने पहले ही पूरा कर लिया गया था। लेकिन अवर अभियंता अब नहर को 4 मीटर ग्राम जगा नगला की तरफ करने का काम कर रहे हैं।
जग्गा नंगला के किसानों की जमीन नहर के लिए अधिग्रहित नहीं की गई थी। फिर भी सिंचाई विभाग उन किसानों की जमीन जबरन लेने के फिराक में है। वे नहर का विरोध नहीं कर रहे हैं। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान संदीप पवार, अंकित पवार, राहुल पवार, तुषार, रामपाल सिंह, छोटन शौकीन सिंह, चमन सिंह, वरुण पवार, राजीव, राहुल, सतीश पवार, रामशरण सिंह, मुन्ना सिंह, कृष्णा पवार, कोशिंदर प्रधान, अर्जुन, मिंटू, बिजेंद्र, बीरबल आदि मौजूद रहे।