अमरोहा। श्री अन्न को बढ़ावा देने के लिए पहली बार शुरू की गई बाजरा की खरीद लक्ष्य के अनुरूप नहीं सकी। जिले में तीन हजार क्विंटल के साथ केवल लक्ष्य की दस प्रतिशत बाजरा खरीदा जा सका है। जबकि धान खरीद का लक्ष्य पूरा कर लिया गया। बाजरे की खरीद के लिए जिले में दो केंद्र बनाए गए थे।
शासन ने इस वर्ष पहली बार श्री अन्न को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश में बाजरा की खरीद शुरू की थी। इसका खूब प्रचार प्रसार भी किया गया। जिले में बाजरा की खरीद के लिए अमरोहा के अलावा हसनपुर में क्रय केंद्र बनाया गया था। बाजरा की खरीद के लिए जिले को तीन हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया था। लेकिन लक्ष्य की आधी भी बाजरे की खरीद नहीं हो सकी। दोनों केंद्रों पर लक्ष्य का दस प्रतिशत बाजरा ही खरीदा जा सका है।
शासन द्वारा पहले बाजरे की खरीद के लिए 15 अक्तूबर से 15 दिसंबर तक का समय निर्धारित किया गया था। लेकिन बाद में इसको बढ़ाकर 15 जनवरी तक कर दिया गया था। इसके बाद भी बाजरे की खरीद अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो सकी है। लक्ष्य का दस प्रतिशत केवल तीन सौ मीट्रिक टन ही बाजरा ही खरीदा जा सका। बाजरा की खरीद के लिए 2500 रुपये प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की गई थी। जिले में बाजरे की खरीद के लिए दो और धान की खरीद के लिए 23 क्रय केंद्र बनाए गए थे।