अमरोहा। नोडल अधिकारी और निदेशक उद्योग मनीष चौहान ने साढ़े छह साल में शहर की जल निकासी के लिए ड्रेनेज सिस्टम के पूरे नहीं होने पर भड़क गए। भारी भरकम रकम 30.08 करोड़ रुपये खर्च होने पर चिंता जाहिर की। इसके अलावा 14 करोड़ रुपये से अधिक रकम की मांग करने पर सवाल उठाया। उन्होंने कार्यदायी संस्था सीएण्डडीएस के राजीव गुप्त से सवाल किया, लेकिन उचित जवाब नहीं मिलने पर फटकार लगाई। उन्होंने कमेटी गठित कर जल निकासी के लिए कराए गए कामों की जांच कराने के निर्देश दिए। फिलहाल कांठ रोड का यह नाला अनुपयुक्त साबित हो रहा है। नोडल अधिकारी के रुख से कार्यदायी संस्था के जिम्मेदार घबरा गए हैं। वह शनिवार की शाम को कलक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों की बिंदुवार समीक्षा कर रहे थे। सुबह में बारिश के चलते शहर की सड़कें पानी से डूब गईं। व्हाट्स एप ग्रुप में शहर के मोहल्लों की डूबीं सड़कों की तस्वीरें वॉयरल होने लगीं। इसके बाद उन्होंने गोल्डेन कार्ड की प्रगति कम मिलने पर सीएमओ से नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कैंप आयोजित की जाए। ताकि पात्र व्यक्ति का अधिक संख्या में कार्ड बन सके। उन्होने कहा कि शहर और देहात में फॉगिंग और सैनिटाइजेशन जरुरी है। किसान सम्मान निधि के डाटा की त्रुटियों को सही कराए। गन्ना किसानों के बकाए भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस दौरान डीएम बालकृष्ण त्रिपाठी, सीडीओ चंद्रशेखर शुक्ल, एडीएम वित्त और राजस्व विनय कुमार सिंह, डीडीओ प्रदीप यादव, परियोजना निदेशक अमरेंद्र प्रताप सिंह आदि रहे।
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