हसनपुर। तहसील क्षेत्र के गांव मंगरौला में गंगा एक्सप्रेस-वे के पास बनाए जाने वाले प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे में भूमि अधिग्रहण से पहले खेतों में खड़ी संपत्तियों और परिसंपत्तियों मूल्यांकन करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए राजस्व टीमों ने कार्य भी शुरू कर दिया है।
मेरठ से प्रयागराज तक बनाए जा रहे गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे गांव मंगरौला में औद्योगिक शहर बसाए जाने की शासन की योजना के अनुसार यूपीडा और अमरोहा जनपद के प्रशासनिक अधिकारी काम कर रहे हैं। औद्योगिक गलियारा बनाए जाने के लिए मंगरौला, रुस्तमपुर, गंगागटकोला व दौलतपुर गांव की करीब 2200 बीघा भूमि को चिह्नित किया गया है। इस जमीन के अधिग्रहण की तैयारी चल रही है। हालांकि विज्ञापन जारी होने के बाद कुछ किसानों ने इसके विरोध में आपत्तियां भी दर्ज कराई हैं।
उधर, योजना के जुड़े अधिकारी इस दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं। भूमि अधिग्रहण से पहले जिन किसानों के खेतों में नलकूप और घर बने हुए हैं। उनकी गिनती व मूल्यांकन कराया जाना जरूरी है। जिससे की किसानों को उसका उचित मुआवजा दिया जा सके। एसडीएम पुष्कर नाथ चौधरी ने हल्का लेखपाल विवेक गौड़ को निर्देशित किया है कि एक्सईएन नलकूप को पत्र भेजकर संपत्तियों की गिनती और मूल्यांकन कराया जाए। जिसके तहत खेतों में लगे नलकूप और खेतों में बने मकान का मूल्यांकन कराया जाएगा।
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साठ से अधिक नलकूप हैं मौजूद
हल्का लेखपाल का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के लिए जो भूमि चिह्नित की जा रही है। उसमें साठ से अधिक नलकूप बने हुए हैं। जबकि कुछ घर भी हैं। उनकी गिनती कराई जा रही है। गिनती पूरी होने के बाद नलकूप विभाग से उसका मूल्यांकन कराया जाना है। बताते हैं कि यूपीडा के अधिकारियों द्वारा एक माह पूर्व ही संपत्तियों का मूल्यांकन की रिपोर्ट मांगी थी। जिसके तहत इस दिशा में कार्य तेजी से चल रहा है।
जमीन अधिग्रहण के विरोध में डटे हैं किसान
क्षेत्र के गांव मंगरौला के किसान औद्योगिक गलियारे के तहत जमीन अधिग्रहण के विरोध में डटे हुए हैं। किसान सुधीर कुमार शर्मा, रिंकू गुर्जर आदि का कहना है कि अधिग्रहण के विरोध में आपत्ति दर्ज कराई जा चुकी है। भूमि का अधिग्रहण नहीं होने दिया जाएगा। इस संबंध में जिलाधिकारी को कई बार ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है।
बयान: औद्योगिक गलियारे के लिए चिह्नित की गई 2200 बीघा जमीन में स्थित संपत्तियों व परिसंपत्तियों का मूल्यांकन शीघ्र ही कराया जाएगा। इसके बाद ही भूमि अधिग्रहण का कार्य शुरू किया जा सकेगा। विरोध करने वाले किसानों से भी वार्ता की जा रही है।
-पुष्कर नाथ चौधरी, एसडीएम हसनपुर