फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amroha News: दोहरे हत्याकांड में शामिल 25 हजार रुपये के इनामी को रिमांड पर लाएगी पुलिस

विज्ञापन
विज्ञापन
गजरौला(अमरोहा)। दोहरे हत्याकांड में नामजद अंकुर को गजरौला पुलिस रिमांड पर लाएगी। उसने दाेहरे हत्याकांड में नाम सामने आने पर गिरफ्तारी से बचने के लिए 14 साल पुराने मामले में मेरठ न्यायालय में आत्म समर्पण कर दिया था। उसने व उसके दो साथियों ने 2009 में मेरठ के दौराला निवासी पर चाकू से हमला किया था। जिसमें उसे न्यायालय ने भगोड़ा घोषित किया। गजरौला थाना पुलिस ने उसकी जमानत तुड़वाकर उसके वारंट बनवाए। मेरठ न्यायालय से रिमांड पर लेने की अनुमति प्राप्त कर ली है।
विज्ञापन

गजरौला थाना क्षेत्र में नौ अक्तूबर-23 की रात गुलालपुर के जंगल में मेरठ के सीना निवासी अनिरुद्ध मावी व नोएडा के बोड़ाकी निवासी रतनपाल भाटी की बलकटी व नल के हत्थे से वार कर हत्या कर दी गई। जिसमें मेरठ के भड़ौली गांव निवासी बबलू उर्फ अंकुर के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया। दोहरे हत्याकांड में नाम सामने आने के कारण पुलिस की घेराबंदी बढ़ती देख उसने 2009 के मामले में मेरठ में आत्मसमर्पण कर दिया। जिसके बाद गजरौला पुलिस ने उसे लाने के लिए उसके बी वारंट बनवाए। जिससे उसे अमरोहा जिले के न्यायालय में लाकर उसे रिमांड पर लिया जा सके। चार महीने बाद पुलिस को अंकुर को रिमांड पर लाने की अनुमति मिल गई है। एक दो दिन में पुलिस उसे रिमांड पर लाकर पूछताछ करेगी। हत्या में इस्तेमाल हथियार को बरामद करेगी। सीओ श्वेताभ भास्कर ने बताया कि जल्द ही उसको रिमांड पर लाकर पूछताछ करेगी।


इस मामले में किया था अंकुर ने न्यायालय में समर्पण
गजरौला। मेरठ के भड़ौली गांव निवासी बबलू उर्फ अंकुर ने अपने साथियों महकार व सेठपाल के साथ मिल कर 2009 में मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र में कुशलवीर राठी के साथ मारपीट करते हुए चाकू से हमला कर दिया था। तीनों हमलावर बदमाश कार में सवार होकर आए थे। रविंद्र काकरान की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। घटना में नामजद होने पर पुलिस बबलू उर्फ अंकुर काे गिरफ्तार करने के लिए दबिश देती रही, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। पुलिस ने तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। जिसके मुकदमे का ट्रायल चल रहा है, मगर अंकुर न्यायालय में तारीख नहीं पहुंचा। उसे वारंटी घोषित करने के बाद भगोड़ा घोषित कर दिया गया। उधर दोहरे हत्याकांड में नाम आने के कारण पुलिस का शिकंजा कसा जाने पर उसने 14 साल बाद बीते साल अक्तूबर में न्यायालय में आत्म समर्पण कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें