सबमर्सिबल पंप मिस्त्री की हत्या के आरोपी आरपीएफ कर्मियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। वहीं मुकदमे की विवेचना सीओ सिटी कर रहे हैं। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर रेलवे स्टेशन तक 23 सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली है। लेकिन उनमें ऐसा कोई क्लू नहीं मिला जिसमें आरपीएफ कर्मी विनीत को ले जाते देखे जा सकें। इतना ही नहीं परिवार वाले भी अपने बयान बदल रहे हैं। विवेचक और एसडीएम को दिए बयान अलग है। इसके चलते पुलिस उलझन में है।
अमरोहा रेलवे स्टेशन से सटे मोहल्ला डाक बंगला पीरगढ़ प्रेम नगर निवासी सबमर्सिबल पंप मिस्त्री विनीत को आरपीएफ चौकी पुलिस ने 16 जुलाई की दोपहर साढ़े तीन बजे हिरासत में लिया था। इसके बाद 17 जुलाई की सुबह करीब छह बजे उसका शव रेलवे ट्रैक किनारे पड़ा मिला था। उसके शरीर पर चोट और नील के निशान थे। इससे मृत युवक के परिजनों का गुस्सा भड़क गया था। उन्होंने आरपीएफ कर्मियों पर बैरक में पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए रेलवे ट्रैक जाम कर दिया था। इस मामले में अमरोहा कोतवाली में आरपीएफ के चौकी प्रभारी वीरेंद्र सिंह बिष्ट, कांस्टेबल दिवाकर, संजू, उस्मान, देवेंद्र ठाकुर और दो अज्ञात के खिलाफ हत्या करने व साक्ष्य छिपाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
साथ ही वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ने पांच पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया था। मुकदमा लिखे जाने की भनक लगते ही आरोपी आरपीएफ कर्मी फरार हो गए थे। हैरत की बात ये है कि घटना के करीब दो महीने बाद भी पुलिस आरोपी आरपीएफ कर्मियों की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है। उधर डीएम ने इस हत्याकांड की मजिस्ट्रेट जांच शुरू कराई थी। लेकिन पीड़ित परिजनों विवेचक और मजिस्ट्रेट को अपने बयान बदलकर दिए हैं। उधर पुलिस ने घटनास्थल से लेकर रेलवे स्टेशन तक लगे 23 सीसीटीवी कैमरो की फुटेज खंगाली है।
पुलिस सूत्रों की माने तो किसी भी कैमरे में ऐसे कोई क्लू नहीं मिला है, जिससे यह स्पष्ट हो सके किए विनित को आरपीएफ कर्मी लेकर गए हैं। ऐसे में पुलिस की उलझन बढ़ गई है। सीओ सिटी विजय कुमार ने बताया कि मामले की विवेचना अभी चल रही है। आरोपी आरपीएफ कर्मियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी हुई हैं। सभी आरोपी घर छोड़कर फरार हैं।