अमरोहा। पुलिस भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन भी सभी केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित हुई। डीएम व एसपी ने भी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का परखा। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश से पहले जरूरी प्रपत्रों की जांच के साथ ही सभी की सघन तलाशी ली गई। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद भी परीक्षा केंद्र पर प्रवेश दिया गया। पहली पाली में जहां 1413 एवं दूसरी पाली में 1825 समेत कुल 3238 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
शनिवार की तरह रविवार को भी जिले भर में पुलिस आरक्षी भर्ती प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित हुई। परीक्षा के लिए जिले में 34 केंद्र बनाए गए थे। जिन पर दोनो पालियों में 35088 अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होना था। नौ बजे से परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश देने की प्रक्रिया शुरू हुई। जिसमें सघन तलाशी के बाद ही प्रवेश दिया गया। अभ्यर्थियों काे बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद ही प्रवेश मिला। सुरक्षा के लिहाज से परीक्षा केंद्र पर दो महिला और दो पुरुष पुलिसकर्मी सुरक्षा में मुस्तैद रहे। डीएम राजेश कुमार त्यागी और एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर परीक्षा की स्थिति का जायजा लिया। परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले प्रवेश बंद कर दिया गया था। डीएम राजेश कुमार त्यागी व एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। परीक्षा के बाद ओएमआर शीट को कड़ी सुरक्षा के बीच कोषागार में जमा करा दिया गया। दूसरे दिन 90.77 प्रतिशत परीक्षा में उपस्थित हुए।
पुलिस भर्ती के लिए दो दिन आयोजित हुई परीक्षा जिले में शांतिपूर्ण आयोजित हुई है। रविवार को दूसरे दिन 90.77 प्रतिशत अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा के लिए जिले में कड़े बंदोबस्त किये गए थे।- सुरेंद्र सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व
दूसरे दिन भी गणित और रीजनिंग में उलझे अभ्यर्थी
शाहजहांपुर से परीक्षा देने पहुंचे रिहान खान ने बताया कि पेपर ज्यादा मुश्किल नहीं था। लेकिन गणित के साथ-साथ रीजनिंग के सवालों ने परेशान किया। निगेटिग मार्किंग के चलते जो सवाल नहीं आते थे, वह छोड़ दिए।
परीक्षा देने पहुंचे आकाश कुमार ने बताया कि पेपर मुश्किल तो था, लेकिन अगर थोड़ा भी तैयारी किसी ने की होगी तो आसानी से पेपर को हल किया जा सकता था। हां, गणित और रीजनिंग के सवाल परेशान करने वाले थे। इसके अलावा पुलिस से जुड़े सवालों ने भी संशय में डाला।
अभ्यर्थी हिमांशु कुमार के अनुसार परीक्षा में निगेटिव मार्किंग के चलते जो सवाल आते थे, वह पहले हल किये। हिंदी एवं सामान्य अध्ययन से जुड़े सवाल इतना मुश्किल नहीं थे। लेकिन रीजनिंग गणित के सवाल उलझाने वाले थे।
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