गजरौला। सिहाली गौसाईं निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक ने पुलिस पर गलत तरीके से सामूहिक रोजा इफ्तार रोकने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ भी अभद्रता की। उनको इंसाफ नहीं मिला तो वह न्यायालय की शरण में जाएंगे।
गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक अब्दुल सलाम ने जिला प्रशासन को भेजे पत्र में कहा है कि उनके गांव में 1992 से रमजान में नमाज होती रही है। मगर इस बार पुलिस ने उनको नमाज अदा करने से रोक दिया। ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन से गुहार लगाई। जिसके बाद पुलिस ने ढील दी और ग्रामीणों ने नमाज पढ़ना शुरू कर दिया। मगर एक जनप्रतिनिधि का दबाव के चलते बुधवार को पुलिस ने गांव में जाकर ग्रामीणों को नमाज पढ़ने से रोक दिया। पुलिस पर आरोप है कि उसने सेवानिवृत्त शिक्षक के साथ अभद्रता की। सामूहिक रूप से रोजा इफ्तार पर रोक लगा दी है। जिससे उनका 20 हजार रुपये का सामान खराब हो गया। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि बे वजह परेशान न किया जाए। उनको इंसाफ नहीं मिला तो वह न्यायालय की शरण में जाने को मजबूर होंगे। सीओ श्वेताभ भास्कर का कहना है कि पुलिस पर लगाए आरोप निराधार हैं। ये लोग ही नियमों की अनदेखी करते हैं। किसी भी तरह की नई परंपरा शुरू नहीं होने दी जाएगी।
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