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शायर प्रोफेसर नाशिर नकवी को मिला राष्ट्रीय साहित्य अवार्ड

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ईरान सरकार द्वारा अमरोहा के उर्दू शायर, आलोचक और मर्सिया निगार प्रोफेसर नाशिर नकवी को ईरान के राष्ट्रीय साहित्य अवार्ड से नवाजा गया है। जिस पर मुस्लिम कमेटी, यूपी उर्दू अदब सोसाइटी तथा उर्दू प्रेस क्लब ने प्रोफेसर नाशिर नक़वी को मुबारकबाद दी हैं। बुधवार की रात ईरान से लौटने के बाद उन का स्वागत किया गया।
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ईरान सरकार द्वारा साल 2022 की वार्षिक अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस हुसैनी अदब पर काम करने वाले विश्व के अठारह देशों के जिन विद्वानों को यह अवार्ड दिया गया है, उनमें भारत से उर्दू साहित्य के लिए अमरोहा निवासी प्रोफेसर नाशिर नकवी का नाम शामिल रहे। ईरान में पीर गुलामान व खादमाने हुसैनी के शीर्षक से अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस प्रत्येक साल भिन्न भिन्न नगरों में आयोजित होती है। यह कांफ्रेंस अलमली तजलील दरवाजा कर्बला कर्मान शाह नगर में 23 से 25 अगस्त 2022 तक आयोजित हुई। प्रोफेसर नाशिर नकवी ने हिंदुस्तान की गंगा जमुनी परंपरा से आयोजित होने वाली अजादारी पर अपने विचार रखे। जिस की पूरी दुनिया के विद्वानों ने प्रशंसा की और उन्होंने अपने मरसिये पेश किए। जिस को ईरान सरकार के सूचना व प्रसारण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय चैनल पर प्रसारित किया गया।
भारत से फ़ारसी साहित्य के लिए जौनपुर के महदी बाक़र खां को यह अवॉर्ड दिया गया है। ईरानी सरकार द्वारा प्रोफेसर नाशिर नक़वी तथा महदी बाक़र खां को मशहद मुक़ददस, नेशापुर, तेहरान, क़ुम तथा अन्य पवित्र स्थलों की जियारत भी कराई गई। प्रोफेसर नाशिर नक़वी ने हिन्द -ईरान के प्राचीन रिश्तों पर विचार रखते हुए भारतीय भाषाओँ ,संस्कृति और यहाँ की एकता के साहितियक संदर्भों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही उन्होंने भारत की एकता अखंडता व भारतवासियों के लिए इमाम अली रजा के रोजे पर विशेष दुआ की।
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कांफ्रेंस में ईरान में भारत पाक प्रवासी उलेमा, अध्यापकों तथा भारी संख्या में छात्रों ने भाग लिया। इस दौरान यूपी उर्दू अदब सोसाइटी के अध्यक्ष कौसर अली अब्बासी, मुस्लिम कमेटी के अध्यक्ष सरताज आलम मंसूरी, सचिव हबीब अहमद एडवोकेट, प्रवक्ता मंसूर अहमद एडवोकेट आदि मौजूद रहे।
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