हाईवे चौड़ीकरण में बाधा बने 190 पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग से अनुमति मिल गई है। पेड़ों को काट कर दिल्ली से मुरादाबाद लेन की ओर हाईवे को चौड़ा किया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि अगले माह काम शुरू हो जाएगा।
दिल्ली से मुरादाबाद तक दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर चौड़ीकरण का काम आईआरबी मुरादाबाद-हापुड़ टोलवे लिमिटेड ने मई 2019 में शुरू किया था, जो 2022 में दिसंबर तक पूरा करना था। निर्माण कंपनी ने मुरादाबाद से गजरौला और हापुड़ से ब्रजघाट तक का अधिकांश काम पूरा कर लिया, लेकिन गजरौला से ब्रजघाट तक कई स्थान पर काम अधूरा है। कांकाठेर के सामने अंडरपास निर्माणाधीन है। ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल स्कूल से कुछ दूरी से गजरौला की दिशा में करीब दो किलोमीटर लंबाई में चौड़ीकरण का काम अटका है। निर्माण कंपनी ने करोड़ों की रकम बचाने के चक्कर में दिल्ली से मुरादाबाद जाने वाले वाहनों की लेन की ओर हाईवे चौड़ा कराने का निर्णय लिया। जिसकी लंबाई दो किमी है। इधर का क्षेत्र वन विभाग के अधीन आता है।
इसमें काम कराने के लिए वन विभाग से अनुमति चाहिए। लिहाजा निर्माण कंपनी ने 2018 में वन्य जीव बोर्ड व भारत सरकार के वन विभाग से अनुमति भी ले ली। इसके बाद उन पेड़ों को कटवा दिया गया, जो चौड़ाई में बाधा बन रहे थे, मगर इसके बाद निर्माण कंपनी ने टाल मटौल रवैया अपनाते हुए हाईवे चौड़ीकरण का कार्य शुरू नहीं किया। इस दौरान छह साल बीत गए। इस बीच वन विभाग के इस क्षेत्र में फैक्टरियों द्वारा पौधे रोप दिए गए। जिनकी संख्या 190 है, जो इस समय पूरे पेड़ तो नहीं बने हैं, लेकिन उनकी वजह से हाईवे चौड़ीकरण का काम रुक गया है।
चौड़ीकरण का काम करने के लिए 190 पेड़ों को काटना जरूरी है। जिनको काटने के लिए अब वन विभाग से अनुमति मिल गई है। अब जल्द चौड़ीकरण का काम शुरू हो सकता है। उप प्रभागीय वन अधिकारी विमल कुमार भारद्वाज ने कहा कि वन विभाग ने पेड़ काटने की अनुमति प्रदान कर दी है।