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गजरौला में आपसी भाईचारा कायम रखने को आगे आए लोग

सार

जुलूस के कारण वाल्मीकि शोभायात्रा में कोई व्यवधान न हो, इस कारण दो बजे संपन्न होने वाला जुलूस पूर्वाह्न 11 बजे ही समाप्त करने का निर्णय लिया है। जब पता चला कि शोभायात्रा के दिन ही ईद मिलादुन्नबी का जुलूस निकाला जाएगा, संघ के पदाधिकारियों ने चार बजे से शुरू होने वाली शोभायात्रा को छह बजे से शुरू करने का निर्णय लिया। भगवान वाल्मीकि शोभायात्रा में भगवान राम के अश्वमेघ यज्ञ के छोड़े गए घोड़े को पकड़े हुए लव-कुश, उनके पीछे भगवान वाल्मीकि की रामायण की रचना करते हुए झांकी आकर्षण का केंद्र रहेगी।
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विस्तार
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भगवान वाल्मीकि जयंती पर वाल्मीकि समाज की ओर से भव्य शोभायात्रा और उसी दिन ईद मिलादुन्नबी का जुलूस एक ही मार्ग से निकाले जाएंगे। पुलिस-प्रशासन के सामने सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने का संकट खड़ा हो गया। ऐसे में मुस्लिम समुदाय और वाल्मीकि समाज के लोगों ने आपसी भाईचारे की मिसाल कायम करते हुए समय में बदलाव किया गया है। सीओ मंडी धनौरा अरुण कुमार सिंह व एसडीएम मंडी धनौरा राजीव राज का कहना है कि मुस्लिम समुदाय और वाल्मीकि समाज के लोगों का यह निर्णय बेहद सराहनीय है। इससे पुलिस-प्रशासन को भी खासी राहत मिलेगी।
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नवयुवक वाल्मीकि संघ के अध्यक्ष अनिल कुमार का कहना है कि भगवान वाल्मीकि जयंती पर शनिवार रात आठ बजे से प्रेमनगर मोहल्ले में जागरण का आयोजन किया जाएगा। जागरण में धामपुर के कलाकार भगवान वाल्मीकि की रचना रामायण पर अपने भजन प्रस्तुत करेंगे। अगले दिन मोहल्ले में शाम छह बजे से वाल्मीकि शोभायात्रा निकाली जाएगी। ईद मिलादुन्नबी का जुलूस होने के कारण के दो घंटे बाद शोभायात्रा निकालने का निर्णय लिया गया है।
साबिर ठेकेदार कहते हैं कि रविवार को ईद मिलादुन्नबी का जुलूस निकाला जाएगा। उसी दिन उसी मार्ग पर भगवान वाल्मीकि की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में भव्य झांकियां आकर्षण का केंद्र होंगी। जुलूस के कारण वाल्मीकि शोभायात्रा में कोई व्यवधान न हो, इस कारण दो बजे संपन्न होने वाला जुलूस पूर्वाह्न 11 बजे ही समाप्त करने का निर्णय लिया है। नवयुवक वाल्मीकि संघ के नगर महामंत्री प्रदीप कुमार का कहना है कि आपसी भाईचारा और सौहार्द कायम रखने के लिए कुछ न कुछ त्याग करना पड़ता है। जब पता चला कि शोभायात्रा के दिन ही ईद मिलादुन्नबी का जुलूस निकाला जाएगा, संघ के पदाधिकारियों ने चार बजे से शुरू होने वाली शोभायात्रा को छह बजे से शुरू करने का निर्णय लिया।
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ईद मिलादुन्नबी जुलूस निकालने वाली टीम में शामिल इरशाद आलम कहते हैं कि कोरोना के कारण न तो जुलूस भव्य रूप से निकाले गए और न ही कोई कार्यक्रम आयोजित हुए। इस बार लोगों में खासा उत्साह है लेकिन जब पता चला कि ईद मिलादुन्नबी का जुलूस भी उसी दिन है, जिस दिन भगवान वाल्मीकि की शोभायात्रा निकाली जाएगी। दोनों का रूट भी वही है। इस कारण दोनों तरफ के लोगों ने काबिले तारीफ निर्णय लिया है। ईद मिलादुन्नबी का जुलूस तीन घंटे पहले संपन्न किया जाएगा और शोभायात्रा दो घंटे बाद निकाली जाएगी।
भगवान वाल्मीकि शोभायात्रा में भगवान राम के अश्वमेघ यज्ञ के छोड़े गए घोड़े को पकड़े हुए लव-कुश, उनके पीछे भगवान वाल्मीकि की रामायण की रचना करते हुए झांकी आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके अलावा शेष नाग पर भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी, कमल के फूल पर गंगा, राधा-कृष्ण और शिव-पार्वती का नृत्य और मां काली का तांडव की झांकी शामिल रहेगी।
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