अमरोहा/रहरा। रहरा क्षेत्र के पौरारा गांव में 70 से ज्यादा मरीज बुखार की चपेट में है। बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है लेकिन मरीज को बेहतर उपचार नहीं मिल पाया रहा है। जिससे समस्या बढ़ती जा रही है। सूचना देने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम के कानों पर कोई जू नहीं रेंग रही है। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। गांव में बुखार से एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है।
गंगा तटबंध के निकट पौरारा गांव में बुखार से पीड़ित लोगों की संख्या 70 से अधिक बताई जा रही है। दो दिन पूर्व गांव निवासी 65 वर्ष के बुजुर्ग की गोपाल खरनाक बुखार की वजह से मौत हो भी हो चुकी है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग नींद से नहीं जागा है। गांव में डेंगू आशंकित लोगों में दहशत का माहौल है। बुखार से पीड़ित लोगों की संख्या में इजाफा होने के बावजूद भी स्वास्थ्य विभगा की टीम ने गांव मं कैंप लगाने की जरूरत तक नहीं समझी है। जांच के अभाव में पता नहीं चल पा रहा है कि बुखार साधारण है या फिर मलेरिया, डेंगू का प्रकोप है। गांव के अधिकतर लोगों के द्वारा अपनी जिंदगी को गांव के झोलाछाप डॉक्टरों के हवाले कर दिया है। तो वहीं कुछ लोग अपने परिवार के इलाज के लिए गांव से बाहर शहर का रुख कर गए हैं।
गंगा तटबंध के पास खेतों एवं गांव के अंदर खाली जगह में भरा गंदा पानी बुखार का कारण बना हुआ है। जानकारों के मुताबिक ठहरे हुए गंदे पानी में मच्छर के लारवा जल्दी उत्पन्न होते हैं। सड़कों पर कीचड़ भरने व गंदा पानी जमा होने से लोगों में बीमारियां भी बढ़ रही हैं। गंदे पानी में मलेरिया के मच्छर पनप रहे हैं। गांव में अभी तक एंटी लार्वा का छिड़काव भी नहीं हुआ है।
गांव के अंदर खाली जमीन में गंदा पानी भरा हुआ है एवं नालियों में भी गंदा पानी रुक गया है। सफाई नहीं होने की वजह से मच्छर पैदा हो रहे हैं।प्रेम सिंह, ग्रामीण पौरारा।
सफाई कर्मी के द्वारा गांव में सफाई नहीं की जा रही है। गांव की नालियां बंद हो गई हैं। जिसमे दुर्गंध के साथ मच्छरों के लारवा भी पैदा हो रहे हैं। विजय सैनी ग्रामीण पौरारा।
बयान: -
गांव में गंदगी को लेकर मुझे कोई सूचना प्राप्त नही हुई है। यदि गांव में गंदगी व जलभराव की समस्या है तो प्राथमिकता के आधार पर सफाई कराई जाएगी। एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाएगा। रोहिताश कुमार, खंड विकास अधिकारी
गंगेश्वरी।