अभी तक जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के अलावा सीएचसी में डिलीवरी वाली महिलाओं को नाश्ता और भोजन की सुविधा दी जाती रही है। लेकिन, अब सीएचसी में भर्ती होने वाले डेंगू, बुखार और अन्य बीमारी से ग्रस्त भर्ती मरीजों को इसकी सुविधा मिलेगी। जिले में आठ सीएचसी हैं। सीएमओ डाॅ. सत्यपाल सिंह ने बताया कि इस मौसम में बुखार, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, टाइफाइड और स्क्रब टाइफस के मरीजों की जांच व इलाज किया जाना प्राथमिकता में शामिल है। जिला अस्पताल स्तर पर डेंगू के मरीजों को भर्ती करके इलाज करने के लिए दस बेड की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा जिले की सभी आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी डेंगू और मलेरिया के मरीजों के लिए मच्छरदानी युक्त चार-चार बेड का अलग से इंतजाम किया गया है। विभाग के पास मरीजों की जांच, इलाज व दवाओं का पर्याप्त इंतजाम हैं। जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी में भर्ती किए जाने वाले डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, टाइफाइड और स्क्रब टाइफस के मरीजों को सुबह, दोपहर व शाम को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। मरीज की देखभाल करने वाले एक तीमारदार के लिए भी अस्पतालों में भोजन का इंतजाम किया गया है। सीएमओ के मुताबिक पहले सीएचसी पर केवल प्रसूताओं को भोजन की सुविधा दी जाती थी। इसके डेंगू-मलेरिया समेत अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को शामिल कर लिया गया है।
डाइट में मिलेगी यह सामग्री
सीएमओ ने बताया कि सीएचसी में भर्ती होने वाले मरीजों को सुबह के समय दूध और ब्रेड, दोपहर दाल और रोटी मिलेगी। जबकि, रात में दलिया और खिचड़ी खाने को मिलेगी। प्रति मरीज की डाइट के हिसाब से शासन की ओर से सौ रुपये मिलेंगे। इस व्यवस्था को लेकर सभी सीएचसी प्रभारियों को निर्देशित किया गया है।