अमरोहा। निकाय चुनाव को शांतिपूर्ण कराना प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। नौ नगर निकायों में 5723 लोग शस्त्र रखने के शौकीन हैं। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने अब तक 4570 जमा करा लिए हैं। जबकि शेष को जमा कराया जा रहा है। वही पुलिस ने 84 लोगों पर गुंडा की कार्रवाई की गई है। जबकि 11 हजार से अधिक लोगों से चुनाव में खतरा बना हुआ है। इन सभी लोगों को पुलिस ने शांतिभंग में पाबंद किया है। जिंदगी को खतरा बताने वालों को परिस्थिति व जांच पड़ताल के बाद ही अनुमति लेकर लाइसेंस रखने की इजाजत मिलेगी।
प्रदेश में आचार संहिता लागू होते ही जिला प्रशासन निकाय चुनाव की तैयारियों में जुट गया। मतदान केंद्रों के निर्धारण तो कभी संवेदन व अतिसंवेदनशील केंद्रों को चिह्नित कर सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित कार्यों को अंजाम देने लगा। चुनाव मैं कहीं कोई हिंसा न हो, इसके लिए उसके द्वारा असलहाधारियों पर भी शिकंजा कसा गया है। अधिकारियों की बात पर यकीन करें, तो चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद प्रशासन ने सभी नौ नगर निकायों 5723 असलहों के लाइसेंस पाबंद किए हैं। इसमें 4500 शस्त्रों को जमा करा लिया गया है। इसके बाद भी यदि लाइसेंसी हथियारों को लेकर कोई भी शख्स निकायों व उसके दस किलोमीटर के दायरे में घूमता है, तो संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। असलहा जब्त किया जाएगा और निलंबन की प्रक्रिया होगी। चुनाव को देखते हुए उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी थानेदारों से लाइसेंसी हथियार थानों में जमा कराने को कहा था। यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि किसी को जान का खतरा है। वह अफसरों से लाइसेंसी हथियार पास में रखने की अनुमति के लिए आवेदन करता है, तो उसकी जांच पड़ताल होगी। परिस्थिति को देखने के बाद ही अफसर उसको असलाह रखने की परमीशन जारी करेंगे। अन्यथा किसी भी सूरत में लाइसेंसी हथियार घर में नहीं रखने दिया जाएगा। ऐसे में पुलिस ने निकाय के जुड़े 84 लोगों पर गुंडा की कार्रवाई की है। जबकि 11240 लोगों पर शांतिभंग की कार्रवाई करते हुए पाबंद किया गया है। इसमें अध्यक्ष पद और सभासद पद के प्रत्याशी भी शामिल हैं।