उन्होंने कहा है कि भाकियू की किसी भी बैठक में जनसमस्याओं के निस्तारण के लिए उन्हें अकेला न भेजा जाए। अगर ऐसा हुआ तो वे धरना स्थल पर जाने की बजाय कलक्ट्रेट परिसर में सामूहिक आत्मदाह कर लेंगे। उधर, भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह ने कहा कि नगलिया के किसान श्याम सिंह का नलकूप का वैध कनेक्शन है। अधिकारियों ने कागजों में उनकी बिजली आपूर्ति काट दी। चेकिंग के दौरान उनपर बिजली चोरी में भारी भरकम जुर्माना जमा कराने को कहा गया है। इसी को लेकर वार्ता हुई थी। भाकियू की ओर से बुधवार को विद्युत वितरण खंड प्रथम पर धरना आयोजित किया जा रहा है जिसमें बिजली अधिकारियों को बुलाने की मांग की गई है। चेकिंग के नाम पर किसानों का उत्पीड़न बंद होना चाहिए।
मेरे संज्ञान में आया है कि संगठन के कुछ लोगों ने अधिकारियों-कर्मचारियों को धमकी दी है। व्यक्तिगत कामों के लिए दबाव बनाया जा रहा है। बिजली अधिकारी कर्मचारी किसानों की सेवा के लिए हैं, लेकिन संगठन के नाम पर व्यक्तिगत काम के लिए दबाव बनाना ठीक नहीं है। -संजीव सिंह राजवंशी, अधीक्षण अभियंता