फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पोषण माह में बंद हुआ जनपद की 1556 किशोरियों का पुष्टाहार

सार

पोषण माह में बंद हुआ जनपद की 1556 किशोरियों का पुष्टाहारगजरौला (अमरोहा)।पढ़ाई लिखाई से वंचित इन किशोरियों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर ही शिक्षा मुहैया कराई जाती है।पुष्टाहार के रूप में प्रत्येक किशोरी को एक महीने में चने की एक किलोग्राम दाल, आधा किलो रिफाइंड और एक किलो दलिया दिया जाता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पोषण माह में बंद हुआ जनपद की 1556 किशोरियों का पुष्टाहार
विज्ञापन

गजरौला (अमरोहा)। पोषण माह में जनपद की 1556 किशोरियों का पुष्टाहार बंद कर दिया गया। जनपद के 13 सौ आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत किशोरियां अपने नजदीकी केंद्र पर शिक्षा प्राप्त करती हैं, जहां पर उनको बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की तरफ से चने की दाल, दलिया और रिफाइंड पुष्टाहार मुहैया कराया जाता था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उनको पुष्टाहार का वितरण करती थीं।
जनपद में अमरोहा, गजरौला, जोया, हसनपुर, गंगेश्वरी और धनौरा सहित छह ब्लाक हैं। छह ब्लॉक वाले जिले में 13 सौ आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जिन पर 11 वर्ष से 14 वर्ष तक की 1556 किशोरियों का पंजीकरण है। पढ़ाई लिखाई से वंचित इन किशोरियों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर ही शिक्षा मुहैया कराई जाती है। इसके अलावा उनके पोषण के लिए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा पुष्टाहार मुहैया कराया जाता था। यह जिम्मा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पर रहता था। पुष्टाहार के रूप में प्रत्येक किशोरी को एक महीने में चने की एक किलोग्राम दाल, आधा किलो रिफाइंड और एक किलो दलिया दिया जाता था। मौजूदा सितंबर माह को पोषण माह माना जाता है। इस कारण इस महीने में पौष्टिकता पर विशेष ध्यान दिया जाता है, लेकिन हैरत की बात यह है कि इस पोषण माह में ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत किशोरियों का पुष्टाहार बंद कर दिया गया। अब उनको पोषण प्राप्ति के लिए पुष्टाहार का वितरण नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

शासन ने इस योजना को बंद कर दिया है। इस कारण आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत किशोरियों को वितरण किया जाने वाला पुष्टाहार इस बार नहीं आया। आगे भी नहीं आएगा।
-संजीव कुमार जिला कार्यक्रम अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें