ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अब राशन कार्ड, जन्म-मृत्यु व आय-जाति प्रमाण पत्र के लिए शहर की ओर नहीं भागना पड़ेगा। सरकार ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में जन सेवा केंद्र खोलने का फैसला लिया है। गांव के सचिवालय में ही जन सेवा केंद्र खोला जाएगा। इसके लिए पंचायत सचिवालय में तैनात सहायक को ही लाइसेंस जारी किया जाएगा। एकल कक्ष वाले पंचायत सचिवालय में जन सेवा केंद्र खोलने के लिए प्रथम चरण में आठ ग्राम पंचायतों के लिए चार-चार लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
एडीओ पंचायत रामचंद्र सिंह ने बताया कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में जन सेवा केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। उनको राशन कार्ड आनलाइन कराने, जन्म-मृत्यु, आय-जाति, खसरा खतौनी, सभी प्रकार की पेंशन, पारिवारिक लाभ आदि के प्रमाण पत्र के लिए शहर की ओर रूख नहीं करना पड़ेगा। उनको गांव के पंचायत घर में ही उनको निर्धारित सरकारी दर पर ही सारी सुविधाएं प्राप्त होंगी। एडीओ ने बताया कि प्रथम चरण में एकल कक्ष वाले पंचायत घर में जनसेवा केंद्र के लिए अलग से कक्ष बनाने के लिए चार-चार लाख रुपये की धनराशि शासन द्वारा की गई है।
उन्होंने बताया कि जिन ग्राम पंचायतों में नए पंचायत सचिवालय का निर्माण हुआ है। वहां भी शीघ्र ही जन सेवा केंद्रों का संचालन शुरू किया जाएगा। जन सेवा केंद्र का संचालन करने के लिए पंचायत सहायक को ही लाइसेंस जारी किया जाएगा। उनका कहना था कि इससे एक ओर ग्रामीणों को सारी सुविधाएं गांव में ही मिलेंगी तो दूसरी ओर ग्राम पंचायतों की आय भी बढ़ेगी। शेरपुर मुस्तकम, नादनौर माफी, देहरा चक, मोहसनपुर ऊर्फ देवीपुरा, ढयोटी, कपसुवा, अहरौला माफी, पेलीतगा।