गजरौला (अमरोहा)। गंगापार गुलालपुर में रतनपाल भाटी और अनिरुद्ध की हत्या का मास्टर माइंड हिस्ट्रीशीटर अशोक ने 19 साल पहले अपराध की दुनिया में कदम रखा था। 2004 में सबसे पहले उसने हापुड़ के बाबूगढ़ थानाक्षेत्र में युवक की हत्या करने की कोशिश की थी। इसके बाद उसने वर्ष 2008 में मारपीट और धमकी की घटना को अंजाम दिया था। इसके बाद अपराध की दुनिया में उसके कदम आगे ही बढ़ते चले गए।
वर्ष 2010 में उसने अपने गुर्गों से साथ मिलकर हापुड़ के सिंभावली और गढ़मुक्तेश्वर थानाक्षेत्र में लूट की घटना को अंजाम दिया। दोनों घटनाओं में पुलिस ने लूटा हुआ समान बरामद कर उसे जेल भेज दिया था। इसी साल गढ़मुक्तेश्वर थाने में गिरोहबंद अधिनियम का मुकदमा दर्ज किया गया। जबकि सिंभावली थानाक्षेत्र में फिर एक लूट की घटना को अंजाम दिया। इसके बाद इसी साल पुलिस ने उसे तमंचे के साथ गिरफ्तार किया था। जबकि सिंभावली थाना पुलिस ने वर्ष 2012 में अशोक के खिलाफ गुंडा की कार्रवाई की थी। इसके बाद इसी साल सिंभावली थानाक्षेत्र में डकैती की घटना को अंजाम दिया था। जबकि वर्ष 2018 में अशोक ने अपने साथियों के साथ मिलकर गुलामपुर में ही फार्म हाउस पर विक्रांत की हत्या कर दी थी। इस मामले में गजरौला पुलिस ने अशोक के खिलाफ 174 ए की कार्रवाई की थी। बाद में उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की। वर्ष 2019 में गजरौला पुलिस ने अशोक को तमंचे के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
इतना ही नहीं वर्ष 2021 में अशोक ने रजबपुर थानाक्षेत्र किसी के साथ मारपीट कर धमकी दी थी। इस मामले में भी रजबपुर पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसी साल गौतम बुद्ध नगर जनपद के कासना पुलिस ने अशोक के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की। इतना ही नहीं बिजनौर नगर कोतवाली में अशोक के खिलाफ अमानत में खयानत और डकैती योजना बनाने के आरोप में मुकदमा दर्ज है। इससे पहले वर्ष 2015 में गढ़मुक्तेश्वर पुलिस ने अशोक के खिलाफ लूट के मुकदमे में गिरफ्तार का जेल भेजा था।
अब अशोक ने गजरौला थाना क्षेत्र के गुलालपुर में रतनपाल भाटी और अनिरुद्ध की हत्या को अंजाम दिया है। पुलिस के अनुसार इस दोहरे हत्याकांड में अशोक मास्टरमाइंड के रूप में सामने आया है। पुलिस अशोक के गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जबकि अशोक समेत छह की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
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बयान
अशोक पर अब तक विभिन्न मामलों में 21 मुकदमे दर्ज हैं। अभी तक जांच में सामने आया है कि यह सुंदर भाटी गैंग का पुराना गुर्गा है। सबसे पहली घटना उसने 2004 में की थी। पुलिस की टीमें अशोक व उसके साथियों की तलाश में दबिश दे रही हैं। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। राजीव कुमार सिंह, एएसपी।