हाईवे के बीच डिवाइडर को तोड़कर कई जगह अवैध कट बना दिए गए हैं। ऐसा नहीं है कि इन अवैध रूप से बनाए गए कटों का प्रशासन या हाईवे अधिकारियों को पता नहीं है। पता होने के बावजूद अधिकारी अनजान बने रहते हैं। प्रशासन की यह लापरवाही ही लगातार हादसों का कारण बन रही है। दिल्ली से लखनऊ जोड़ने वाला यह हाईवे सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है। हाईवे पर आए दिन हादसे होते हैं, जिनमें कुछ लोग घायल होते हैं तो कुछ की मौत हो जाती है। सबसे ज्यादा हादसे वाले क्षेत्र रजबपुर बाईपास, चौधरपुर और बुढनपुर के बीच का हिस्सा है। इन स्थान पर सर्वाधिक दुर्घटनाएं होती हैं। बावजूद इसके अधिकारी गंभीर नहीं हैं।
जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण पिछले डेढ़ महीने में हाईवे पर 57 सड़क हादसे हुए हैं। इनमें 22 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि, 52 लोग चोटिल हुए हैं। यह हालत तब है जब सड़क सुरक्षा समिति बैठक में डीएम संबंधित अधिकारियों को अवैध कट बंद कराने और जरूरी जगहों पर रिफ्लेक्टर लगवाने के निर्देश देते रहते हैं। इन अवैध कटों से हल्के और भारी वाहन बेखौफ गुजर रहे हैं। बढ़ते सड़क हादसों को देखकर भी जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं।
कोहरा के साथ बढ़ेंगे हादसे
जिले में यातायात व्यवस्था जुगाड़ के भरोसे संचालित हो रही है। हाईवे को सिक्स लेन किया गया है। इसके बाद भी हाईवे पर अवैध कटों की भरमार है। जिले की सीमा मुरादाबाद के पाकबड़ा से गढ़मुक्तेश्वर के ब्रजघाट तक है। लेकिन, इस हाईवे पर कदम-कदम पर अवैध कट से हादसे बढ़े हैं। नवंबर से ठंड बढ़ने के साथ कोहरा पड़ना शुरू हो जाएगा। ऐसे में अवैध कट बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं। समय रहते इन्हें बंद कराने के साथ कार्रवाई नहीं की गई तो घटनाओं पर अंकुश नहीं लगेगा।
सड़क पार करते समय होते हैं हादसे
श्योनाली में एक तरफ से दूसरी ओर जाने के लिए डिडौली के पुल के अलावा और कोई विकल्प नहीं है, लेकिन किसी को पैदल सड़क पार करनी हो तो वह डिडौली पुल तक नहीं जा सकता है। जिबाई चौकी के पास फैक्टरी मे काम करने वाले मजदूर काम से लौटते और जाते समय उन्हें जल्दी रहती है। सडक पार करने के लिए चौधरपुर के पुल के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। वह मजबूरी में रोड पार करते हुए हादसे का शिकार हो जाते हैं। उधर, चौधरपुर में हादसे की वजह भी जल्दी में सड़क पार करना है। यहां पर किसी तरह का संकेतक नहीं है। वहीं, जोया चौधरी पेट्रोल पंप के ठीक सामने अवैध कट है और यहां संकेतक नहीं है। लोग अज्ञानता के चलते हादसे का शिकार हो रहे हैं। इस बीच में पुलिस प्रशासन ध्यान नहीं देता है वहां पर होमगार्ड तक तैनात नहीं रहते हैं। परिवहन विभाग और प्रशासन हादसों को लेकर अवैध कटों पर कोई भी कदम नहीं उठा रहा है।
पुलिस ने उठाया था सख्त कदम
हाईवे पर अवैध कट के कारण होने वाले हादसों पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने अभियान चलाकर गलत तरीके से अवैध कट पार करने वाले लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। इस क्रम में 22 जुलाई 2023 को कांवड़ यात्रा से पहले डिडौली पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार कर तीन बाइक और एक कार को सीज किया है। रात भर हिरासत में रखने के बाद आरोपियों का शांति भंग में चालान कर दिया गया था। पुलिस का कड़ा रूख देकर लोगों ने अवैध कट से निकलना बंद कर दिया था। लेकिन, अब फिर से वहीं हाल है।
- अवैध कट बंद कराने, संकेतक व चेतावनी बोर्ड लगवाने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है। सड़क सुरक्षा समिति बैठक में भी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है। हाईवे पर अवैध कट बनाने के लिए स्थानीय लोग भी जिममेदार हैं। तिगरी मेले से पहले सभी कटों को बंद कराया जाएगा।
- राजीव कुमार सिंह, एएसपी अमरोहा