पांच साल पहले अपहरण के बाद छात्रा से दुष्कर्म के मामले में दो दोस्तों को न्यायालय ने सजा सुनाई है। एक दोषी को दुष्कर्म के मामले में 10 साल की सजा और 40 हजार रुपये जुर्माना लगाया है, जबकि दूसरे को अपहरण के मामले में पांच साल की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोनों आरोपी जमानत पर बाहर थे। न्यायालय का फैसला आने के बाद कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है।
ये घटना गजरौला थानाक्षेत्र के एक गांव में 29 मार्च 2017 को हुई थी। गांव में किसान का परिवार रहता है। उसकी 15 वर्षीय बेटी कक्षा 9 की छात्रा थी। घटना वाले दिन वह पेपर देने के लिए विद्यालय गई थी। लौटते समय आरोपी रूप सिंह यादव और उसके साथी सत्येंद्र ने छात्रा का अपहरण कर लिया था। जिसके बाद रूप सिंह यादव ने छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। मामले में छात्रा की मां ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल दोनों जमानत पर जेल से बाहर थे।
ये मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष (पॉक्सो एक्ट प्रथम) डॉ. कपिला राघव की अदालत ने विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की ओर विशेष लोक अभियोजक बसंत सिंह सैनी ने पैरवी की। सोमवार को न्यायालय में मुकदमे में सुनवाई की।
साक्ष्य और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने मुख्य आरोपी रूप सिंह यादव को अपहरण के बाद दुष्कर्म में 10 साल की सजा सुनाई। जबकि अपहरण में सहयोग करने वाले उसके दोस्त सतेंद्र को 5 साल की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों आरोपियों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जिसमें से 30 हजार रुपये पीड़िता को सौंपने के आदेश दिए हैं।