अमरोहा। तीसरे खलीफा हजरत उस्माने गनी के यौमे शहादत पर अंजुमन यादगार-ए-बका की ओर से मुशायरा आयोजित किया गया। शायरों ने अपने-अपने कलाम पेश करके तीसरे खलीफा की खूबियां, कुर्बानी के बारे में बताया।
नगर के मोहल्ला सराय कोहना स्थित बका मंजिल में सोमवार रात आयोजित मुशायरे की शुरुआत कुरान की तिलावत से अनीस अमरोहवी ने की। जबकि नात शरीफ का नजराना गुलरेज अब्बासी ने पेश किया। इसके बाद शायरों ने अपने-अपने कलाम पेश किए। मिर्जा साजिद अमरोहवी ने कहा...कर दिया मामूर पहरे के लिए हसनैन को, जानते थे मन्जिलत हजरत अली उस्मान की। जुबैर इब्ने सैफी ने यूं कहा...हश्र में मुझको जरूरत क्या किसी सामान की, मनकब्त लाया हूं लिखकर हजरते उस्मान की। सैयद शीबान कादरी ने ऐसे कहा...बागियों के शोर में हजरत अली से पूछिए, क्या क्या बातें कर रही थी खामोशी उस्मान की। शहाब अनवर ने पढ़ा...साहिबे ईमान हो ईमान की बातें करो, आज की शब हजरते उस्मान की बातें करो। डॉ. नासिर अमरोहवी ने ऐसे पढ़ा...भूखे प्यासे की शहादत जुल्म और जोर-ओ-जफा, कर्बला दोहरा रही थी बेबसी उस्मान की। इनके अलावा जुनैद अकरम, अनीस अहमद, नाजिश मुस्तफा आदि ने भी अपने-अपने कलाम पेश किए।
मुशायरे की अध्यक्षता मिर्जा साजिद अमरोहवी ने की जबकि संचालन सैयद शीबान कादरी ने किया। इस दौरान हाजी खुर्शीद अनवर, फहीम शाहनवाज, हाजी नसीम खां, इजहार जाफरी आदि मौजूद रहे।
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