अमरोहा। कांठ थानाक्षेत्र के सलेमपुर गांव निवासी लकड़ी कारोबारी शहादत उर्फ इका की हत्या का देहात थाना पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मुख्यारोपी शहजाद को गिरफ्तार कर लिया लेकिन हत्याकांड की असलियत कुछ और निकली।
पुलिस का दावा है कि रुपयों का विवाद मृतक शहादत और हत्यारोपी शहजाद के बीच नहीं था, बल्कि लकड़ी के ठेकेदार मोहम्मद यासीन और शहजाद के बीच था। घटना वाले दिन शहजाद अपने साथियों के साथ मोहम्मद यासीन की हत्या करने आया था। क्योंकि मोहम्मद यासीन शहजाद के 70 हजार रुपये नहीं दे रहा था लेकिन बीच बचाव में आए शहादत को गोली लग गई और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने हत्यारोपी शहजाद को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
मुरादाबाद जनपद के कांठ थानाक्षेत्र के उमरी गांव के रहने वाले शहादत उर्फ इका वर्तमान में पत्नी बच्चों के साथ अपनी ससुराल सलेमपुर गांव में रहते थे। शहादत कांठ के मोहल्ला नई बस्ती ईदगाह के रहने वाले मोहम्मद यासीन के साथ लकड़ी का कारोबार करते थे। आरोप था कि शहादत का उमरी गांव के ही रहने वाले शहजाद से रुपयों के लेनदेन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। आरोपी शहजाद अहमदाबाद में शीशे का काम करता है। वह गांव आता रहता है। 26 जनवरी को पैगंबरपुर गांव में शहजाद और शहादत के बीच रुपयों के लेनदेन को लेकर झगड़ा हुआ था। इस दौरान स्थानीय लोगों ने दोनों को समझा कर शांत कर दिया था।
इसके बाद शनिवार की देर शाम शहादत उर्फ इका अपने दोस्त मोहम्मद यासीन के साथ लकड़ी देखने के लिए अमरोहा देहात थानाक्षेत्र के गांव नौहरान आए थे। तभी पीछे से शहजाद अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा और शहादत की गोली मार कर हत्या कर दी थी। इस मामले में मृतक के दोस्त मोहम्मद यासीन की तहरीर पर शहजाद और उसके अज्ञात साथी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। बुधवार को पुलिस ने हत्यारोपी शहजाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सीओ अंजलि कटारिया ने बताया कि रुपयों का विवाद मृतक शहादत और हत्यारोपी शहजाद के बीच नहीं था, बल्कि लकड़ी के ठेकेदार मोहम्मद यासीन और शहजाद के बीच था। घटना वाले दिन शहजाद अपने साथियों के साथ मोहम्मद यासीन की हत्या करने आया था लेकिन बीच-बचाव में आए शहादत की गोली लगने से मौत हो गई थी।