अमरोहा। गन्ना पेराई सत्र को समाप्त हुए एक माह बीत गया है। जिले की तीनों चीनी मिलें भी बंद हो गई हैं। इसके बावजूद एक शुगर मिल को छोड़कर दो शुगर मिलों पर किसानों का 93 करोड़ रुपये का बकाया है। वहीं, शुगर मिलों द्वारा खरीदे गए गन्ने का 90 फीसदी भुगतान यानी 880 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों का किया जा चुका है।
जिले में सहकारी चीनी मिल समेत तीन शुगर मिलों का संचालन होता है। जबकि दूसरे जनपदों की आठ शुगर मिलें भी यहां के किसानों से गन्ने की खरीदती हैं। अमरोहा में 98468 हेक्टेयर जमीन में गन्ने की पैदावार की जाती है। जिस पर 1.69 लाख किसान गन्ने की खेती करते हैं। तीनों शुगर मिलों के पेराई सत्र को बंद हुए करीब एक माह बीत चुका है। जिले की शुगर मिलों द्वारा इस साल 266 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की है। जिसके बाद चंदनपुर की त्रिवेणी शुगर मिल ही किसानों से खरीदे गए गन्ने का शत प्रतिशत भुगतान कर सकी है।
चंदनपुर स्थित शुगर मिल द्वारा किसानों से खरीदे गए गन्ने का 332.79 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों के खातों में भेज दिया है। जबकि हसनपुर स्थित सहकारी चीनी मिल एवं मंडी धनौरा स्थित वेव शुगर मिल किसानों से खरीदे गए गन्ने का पूरा भुगतान नहीं कर पाई हैं। दोनों शुगर मिल पर 93.76 करोड़ रुपये गन्ने का भुगतान बकाया है। जिसमें वेव शुगर मिल पर सबसे अधिक 86.30 करोड़ रुपये बकाया है। जबकि सहकारी चीनी मिल पर 7.46 करोड़ रुपये का बकाया चल रहा है।
बीते पेराई सत्र में किसानों ने जिले की तीनों शुगर मिलों को 974.21 करोड़ रुपये का गन्ना बेचा है। साथ ही दूसरे जनपदों की शुगर मिलों को भी यहां के किसानों ने गन्ने की सप्लाई की है। जिले की तीनों शुगर मिलों द्वारा 880.45 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को कर दिया गया है। जोकि कुल रकम का 90.38 फीसदी है।