हसनपुर/उझारी। बाल कल्याण समिति ने अधिकारियों ने पुलिस के साथ शादी समारोह में पहुंचकर नाबालिग लड़की का विवाह रुकवा दिया। विवाह में अवरोध पैदा होने पर बरातियों में खलबली मच गई। बिना दुल्हन के ही बरात को वापस लौटना पड़ा।
बताते हैं थाना क्षेत्र के एक गांव में बुधवार को किसान द्वारा अपनी 17 वर्षीय बेटी का विवाह कराया जा रहा था। बरात गांव में पहुंच गई थी। इसी बीच बाल कल्याण समिति के पदाधिकारियों को सूचना प्राप्त हुई कि नाबालिग का विवाह कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही बाल कल्याण समिति के सदस्य हेमराज सिंह टीम के साथ थाना सैदनगली पुलिस के साथ गांव में पहुंच गए। उन्होंने लड़की का आधार कार्ड और उसकी मार्कशीट दिखाने के लिए कहा। जिसमें साफ था कि किशोरी की उम्र 17 वर्ष कुछ महीने की है।
बाल कल्याण समिति की टीम ने नाबालिग का विवाह रुकवा दिया। किशोरी को शादी समारोह से थाने ले जाया गया। पुलिस ने किशोरी को बाल कल्याण समिति के सुपुर्द किया गया। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अतुलेश भारद्वाज का कहना है कि रास्ते में से ही किसी सी दबाव में आकर पुलिस किशोरी को वापस थाने ले गई। जो कानूनी रूप से गलत है। कई घंटे बाद लड़की को अमरोहा में सेफ हाउस पहुंचाया गया। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
किशोरी को थाने से अमरोहा ले जाया जा रहा था, लेकिन कुछ कागजों पर लड़की के हस्ताक्षर होने थे। इसलिए उसे वापस थाने ले जाकर हस्ताक्षर कराए गए। इसके बाद महिला सिपाही के साथ उसे अमरोहा सेफ हाउस भेजा गया। दीप कुमार पंत, सीओ हसनपुर