प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान का रूप बताने वाली माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी एक बार फिर अपने बयान पर मजबूती से खड़ी दिखाई दीं। उन्होंने संभल के सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कौन व्यक्ति बयान दे रहा है, हम इस पर नहीं जाना चाहते। हमारी संस्कृति सनातन की है। हम वृक्ष में भी भगवान को देखते हैं। गोमाता में भी भगवान को देखते हैं। कण-कण में हम भगवान के दर्शन करते हैं तो क्या जो हमारे देश का राजा है हम उसे भगवान का प्रतिनिधि नहीं मान सकते। जो भी राजा होता है वह भगवान का प्रतिनिधि होता है। भगवान का रूप होता है। क्योंकि वह जनता का पालन करता है।
वह शनिवार की सुबह अमरोहा में एक दिवसीय दौरे पर पहुंची थीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान के प्रतिनिधि हैं। सनातन संस्कृति राजा को भगवान का दर्जा भी देती है। ऐसे में प्रधानमंत्री को भगवान के प्रतिनिधि के रूप में संबोधित करना गलत नहीं है। इस दौरान राज्यमंत्री विपक्ष और विरोधियों की आलोचना से बेफिक्र दिखीं। कहा कि वह अपने बयान और उसके साथ जुड़े तथ्यों पर कायम हैं।